मध्य पूर्व में लंबी तैनाती का साइड-इफेक्ट: यूएसएस अब्राहम लिंकन के 8 नाविकों ने किया आत्महत्या का प्रयास, मानसिक स्वास्थ्य पर उठे गंभीर सवाल
मध्य पूर्व में लंबी तैनाती का साइड-इफेक्ट: यूएसएस अब्राहम लिंकन के 8 नाविकों ने किया आत्महत्या का प्रयास, मानसिक स्वास्थ्य पर उठे गंभीर सवाल
मध्य पूर्व (Middle East) में रिकॉर्ड समय तक तैनात रहे अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ (USS Abraham Lincoln) और उसके स्ट्राइक ग्रुप के कम से कम आठ नाविकों ने आत्महत्या करने का प्रयास किया था। इस चौंकाने वाले तथ्य का खुलासा अमेरिकी नौसेना के कार्यकारी सचिव हांग काओ द्वारा लिखे गए एक आधिकारिक पत्र से हुआ है।
पत्र के खुलासे और मुख्य बिंदु
सीनेटर के सवाल पर जवाब: यह पत्र न्यूयॉर्क की डेमोक्रेटिक सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड द्वारा युद्धपोत पर तैनात कर्मियों की विषम परिस्थितियों और उनके मानसिक तनाव को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में सामने आया है, जिसे सीबीएस न्यूज़ और सीएनएन ने सार्वजनिक किया है।
10 महीने की लंबी तैनाती: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनजर इस युद्धपोत और उसके स्ट्राइक ग्रुप को करीब 10 महीने तक संवेदनशील जलक्षेत्र में तैनात रखा गया था। आमतौर पर ऐसी तैनाती 6 से 8 महीने की होती है, लेकिन लिंकन को विस्तारित समय तक अग्रिम मोर्चे पर रखा गया।
5,000 कर्मियों पर मानसिक दबाव: इस युद्धपोत और उसके पूरे स्ट्राइक ग्रुप में लगभग 5,000 सैन्य कर्मी सवार हैं। लगातार युद्ध की तैयारियों और अत्यधिक दबाव के चलते पिछले महीने नाविकों के परिवारों और अमेरिकी संसद के कई सांसदों ने उनके गिरते मानसिक स्वास्थ्य पर गहरी चिंता जताई थी।
स्ट्राइक ग्रुप की संरचना: इस समूह में मुख्य विमानवाहक पोत के साथ एयर विंग, स्ट्राइक ग्रुप मुख्यालय, विध्वंसक (Destroyer) स्क्वाड्रन, एस्कॉर्ट पोत और अन्य विमानन स्क्वॉड्रन शामिल थे।
सैन डिएगो लौट रहा है युद्धपोत
लगातार बढ़ते विवाद और नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच, ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ मध्य पूर्व का अपना मिशन पूरा कर चुका है और फिलहाल कैलिफोर्निया स्थित अपने गृह अड्डे सैन डिएगो (San Diego) की ओर वापस लौट रहा है।
