अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिकी दौरे पर पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग: ऐतिहासिक स्वागत और व्यापार युद्धविराम 10 जनवरी तक बढ़ा

अमेरिकी दौरे पर पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग: ऐतिहासिक स्वागत और व्यापार युद्धविराम 10 जनवरी तक बढ़ा

​चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका पहुंच गए हैं, जहां उनका बेहद अभूतपूर्व और ऐतिहासिक स्वागत किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए खुद मैरीलैंड के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज (Joint Base Andrews) पहुंचकर शी जिनपिंग की अगवानी की। वर्ष 1962 के बाद यह पहला मौका है जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सैन्य एयरबेस के रनवे पर खड़े होकर किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया है। इस भव्य स्वागत को ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों और इस दौरे को दिए जा रहे असाधारण महत्व के रूप में देखा जा रहा है।

​रेड कार्पेट पर भव्य अगवानी और सैन्य सम्मान

​रनवे पर स्वागत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने रनवे पर बिछाए गए रेड कार्पेट पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का गर्मजोशी से स्वागत किया। विमान से उतरते ही दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया।

​सैन्य फ्लाईपास्ट और गार्ड ऑफ ऑनर: शी जिनपिंग के आगमन के समय अमेरिकी वायुसेना के दो बी-1 लांसर (B-1 Lancer) बमवर्षक विमानों ने एयरबेस के ऊपर से भव्य फ्लाईपास्ट किया। साथ ही अमेरिकी सैन्य बैंड ने दोनों देशों का राष्ट्रगान बजाकर औपचारिक सलामी दी।

​औपचारिक कार्यक्रम: इसके बाद दोनों नेता अलग-अलग काफिलों के साथ वॉशिंगटन डीसी के लिए रवाना हुए। गुरुवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह, स्टेट डिनर और नेशनल आर्काइव्स का दौरा निर्धारित है।

​व्यापार युद्धविराम 10 जनवरी तक बढ़ा

​इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत के साथ ही दोनों महाशक्तियों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक राहत सामने आई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव (वित्त मंत्री) स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की है कि अमेरिका और चीन अपने व्यापार युद्धविराम (Trade Truce) को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।

​समय-सीमा में विस्तार: पहले यह युद्धविराम नवंबर में समाप्त होने वाला था, जिसे अब बढ़ाकर 10 जनवरी तक प्रभावी कर दिया गया है।

​समझौते के मायने: इस व्यवस्था के तहत अमेरिका कुछ टैरिफ और पाबंदियों को फिलहाल रोककर रखेगा, जबकि चीन अमेरिकी कंपनियों के लिए रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) की सप्लाई जारी रखेगा। बेसेंट के अनुसार, इस समयावधि के बढ़ने से दोनों देशों को आर्थिक मोर्चे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए और समय मिल जाएगा। हालांकि, इससे व्यापार, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा से जुड़े बड़े विवादों का पूर्ण समाधान नहीं हुआ है।

​शिखर वार्ता के प्रमुख एजेंडे

​व्हाइट हाउस में होने वाली आधिकारिक बैठकों में कई गंभीर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा तय मानी जा रही है:

​ईरान और रूस: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह शी जिनपिंग के साथ ईरान के मुद्दे पर बातचीत करेंगे। अमेरिका चाहता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न करे।

​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सुरक्षा: दोनों देशों के बीच एआई से जुड़ी घटनाओं पर आपसी जानकारी साझा करने और एआई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की संभावना है। अमेरिकी संसद के कई सदस्य भी इस पर ठोस समझौते की मांग कर रहे हैं।

​कृषि और बाजार पहुंच: अमेरिकी सांसद चीन द्वारा अमेरिकी सोयाबीन की नियमित खरीद और बीफ बाजार तक बेहतर पहुंच की मांग कर रहे हैं।

​अन्य मुद्दे: चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों का मामला और ताइवान से जुड़े भू-राजनीतिक मुद्दे भी इस बातचीत के दौरान अहम बने रहने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *