नेपाल में विमान हादसा और वीजा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई: 88 चीनी नागरिक डिपोर्ट
नेपाल में विमान हादसा और वीजा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई: 88 चीनी नागरिक डिपोर्ट
पश्चिमी नेपाल के डोल्पा जिले में एक विमान हादसे की खबर सामने आई है, वहीं दूसरी ओर नेपाल इमिग्रेशन विभाग ने वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले दर्जनों विदेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
1. डोल्पा जिले में सीता एयर का विमान दुर्घटनाग्रस्त
घटना: पश्चिमी नेपाल के डोल्पा जिले स्थित जुफल एयरपोर्ट पर गुरुवार को सीता एयर के एक विमान की लैंडिंग के दौरान उसका पिछला टायर निकल गया।
यात्री सुरक्षित: डोल्पा जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख (DSP) अनिल राज गिरी के अनुसार, विमान में 13 यात्रियों और 3 क्रू मेंबर समेत कुल 16 लोग सवार थे, जो सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। यात्रियों में फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम के 7 विदेशी और 6 नेपाली नागरिक शामिल थे।
एविएशन सुरक्षा पर सवाल: यह विमान नेपालगंज से उड़ान भरकर जुफल जा रहा था। नेपाल के पहाड़ी इलाकों की कठिन भौगोलिक स्थिति के चलते हाल के वर्षों में कई हादसे हुए हैं, जिससे देश के एविएशन सेफ्टी रिकॉर्ड पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यूरोपीय संघ ने भी 2013 से नेपाली एयरलाइंस को अपनी सुरक्षा सूची (ब्लैकलिस्ट) में रखा है।
2. नेपाल में वीज़ा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई: 88 चीनी नागरिक निष्कासित
नेपाल इमिग्रेशन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 88 चीनी नागरिकों को वापस भेजने (डिपोर्ट) की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नियमों का उल्लंघन: ये नागरिक सिंधुली जिले में चीन के साथ मांस-प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट (जियान फूड्स प्राइवेट लिमिटेड) में काम कर रहे थे। उन्होंने अन्य कंपनियों के नाम पर ‘बिजनेस वीजा’ लिया था, लेकिन वे वीजा के निर्धारित उद्देश्यों के विपरीत काम में संलिप्त पाए गए।
प्रतिबंध और कार्रवाई: इमिग्रेशन विभाग के प्रवक्ता टिकाराम ढकाल ने बताया कि इन सभी के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और इन्हें तीन साल तक नेपाल में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जांच का दायरा: इस प्रोजेक्ट में कुल 501 चीनी नागरिक पाए गए थे, जिनमें से 329 टूरिस्ट वीजा पर आए थे। प्रशासन अब उनके यात्रा इतिहास और गतिविधियों की गहन जांच कर रहा है, जिसके बाद और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
आंकड़े: इमिग्रेशन डेटा के अनुसार, नेपाल ने 2021 से 2025 के बीच नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 2,267 विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया है, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा (695 यानी लगभग 30.65%) चीनी नागरिकों का है।
