सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में उठाया केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों का मुद्दा; केंद्र सरकार ने भर्ती आंकड़ों और शिक्षा सुधारों की दी जानकारी
सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में उठाया केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों का मुद्दा; केंद्र सरकार ने भर्ती आंकड़ों और शिक्षा सुधारों की दी जानकारी
नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट द्वारा लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न (प्रश्न संख्या-2355) के उत्तर में केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालयों (KVS), नवोदय विद्यालयों (NVS) और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षण पदों को भरने तथा शिक्षा सुधारों के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी साझा की।
1. शिक्षकों की भर्ती और जारी विशेष अभियान
केंद्र सरकार ने बताया कि सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, नए संस्थानों की स्थापना और छात्र संख्या में वृद्धि से उत्पन्न रिक्तियों को भरने के लिए निरंतर प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं:
केवीएस (KVS) में नियुक्तियां: सितंबर 2022 से जुलाई 2025 के दौरान केवीएस में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण श्रेणी के 12,867 नियुक्ति प्रस्ताव जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2025 में घोषित 8,714 शिक्षण पदों की परीक्षाएं जनवरी और मार्च 2026 में सफलतापूर्व आयोजित की गईं।
एनवीएस (NVS) में भर्ती: वर्ष 2022-23 से दिसंबर 2025 के बीच नवोदय विद्यालयों में 2,341 पदों पर सीधी भर्ती की गई, जबकि नवंबर 2025 में अधिसूचित 5,045 शिक्षण पदों की चयन परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मिशन मोड: विभिन्न केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाए गए विशेष भर्ती अभियानों के तहत 23 मई 2026 तक 32,114 पदों पर नियुक्तियां पूरी की गईं, जिनमें 18,757 संकाय (फैकल्टी) पद शामिल हैं।
2. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रमुख कदम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के तहत शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए लागू की गई योजनाओं का ब्योरा दिया गया:
निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat): प्राथमिक स्तर पर मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में सुधार।
परख (PARAKH) राष्ट्रीय सर्वेक्षण: छात्रों के सीखने के स्तर और गुणवत्ता के मूल्यांकन का तंत्र।
अन्य पहलें: शिक्षकों के लिए निरंतर इन-सर्विस ट्रेनिंग (STTP), गतिविधि-आधारित शिक्षण, डिजिटल शिक्षा का विस्तार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास।
3. उत्तराखंड एवं दूरस्थ क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित
सांसद अजय भट्ट ने इस प्रश्न के जरिए उत्तराखंड सहित देश भर के पर्वतीय, दूरस्थ और आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) में स्थित केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित करने की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
