नेपाल: सुनसरी हिंसा के मृतकों के परिजनों और सरकार के बीच 7 सूत्रीय समझौता, पीड़ितों को शहीद का दर्जा और 10 लाख की राहत का ऐलान
नेपाल: सुनसरी हिंसा के मृतकों के परिजनों और सरकार के बीच 7 सूत्रीय समझौता, पीड़ितों को शहीद का दर्जा और 10 लाख की राहत का ऐलान
सुनसरी / काठमांडू:
नेपाल के सुनसरी जिले में दो समुदायों के बीच भड़की सांप्रदायिक हिंसा और पुलिस कार्रवाई के दौरान जान गंवाने वाले दो युवकों के मामले में नेपाल सरकार और मृतकों के परिजनों के बीच देर रात 7 सूत्रीय समझौता हो गया है। गृह मंत्री सुदन गुरुङ और पीड़ित परिवारों के बीच हुई इस वार्ता के बाद दोनों युवकों के अंतिम संस्कार का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
देवानगंज गाउंपालिका के अध्यक्ष बेचन प्रसाद मेहता के अनुसार, इस समझौते पत्र पर गृह मंत्री सुदन गुरुङ, मृतक ओमप्रकाश मेहता के पिता कृष्णदेव मेहता और मृतक जयप्रकाश मेहता के पिता नरेश मेहता ने हस्ताक्षर किए।
समझौते की 7 मुख्य शर्तें:
शहीद का दर्जा व आर्थिक सहायता: नेपाल सरकार दोनों मृतक युवकों (ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता) को ‘शहीद’ घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करेगी तथा दोनों के परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये की राहत राशि प्रदान करेगी।
सरकारी नौकरी: दोनों पीड़ित परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
मदरसे की कानूनी जांच: देवानगंज गाउंपालिका में स्थित संबंधित मदरसे की कानूनी स्थिति की तत्काल जांच शुरू की जाएगी तथा वहां शरण लिए दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई: घटना की निष्पक्ष जांच कर हिंसा और फायरिंग के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच समिति की सिफारिशों का पालन: गठित जांच समिति की रिपोर्ट में आने वाले सभी सुझावों और सिफारिशों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा।
स्मृति में स्मारक पार्क: स्थानीय सरकार के समन्वय से क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर दोनों मृतकों की याद में एक ‘स्मारक पार्क’ का निर्माण कराया जाएगा।
अंतिम संस्कार पर सहमति: समझौता पूरा होने के बाद दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार दोपहर 2 बजे करने का निर्णय लिया गया है।
सेना का फ्लैग मार्च और 4 जिलों में कर्फ्यू जारी
नेपाल-भारत सीमा से सटे सुनसरी जिले में धार्मिक जुलूस के दौरान भड़की हिंसा ने उग्र रूप ले लिया था, जिसमें बड़े पैमाने पर आगजनी, पथराव और दर्जनों गाड़ियों को फूंक दिया गया।
हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने सुनसरी, सप्तरी, सिराहा और धनुषा जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू रखा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नेपाली सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च करने के साथ-साथ हवाई व जमीनी निगरानी बढ़ा दी है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने एक बार फिर देशवासियों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है तथा आश्वासन दिया है कि हिंसा फैलाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
