मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: अमेरिकी हमलों के जवाब में तेहरान का पलटवार, जॉर्डन ने हवा में तबाह कीं 5 ईरानी मिसाइलें
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: अमेरिकी हमलों के जवाब में तेहरान का पलटवार, जॉर्डन ने हवा में तबाह कीं 5 ईरानी मिसाइलें
न्यूज डेस्क:
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और अधिक गहरा गया है। पिछले दिनों जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमले की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के 10 से ज्यादा शहरों में बड़े पैमाने पर जवाबी हवाई हमले किए। वहीं, अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन की ओर फिर से मिसाइलें दागीं, जिन्हें हवा में ही नाकाम कर दिया गया।
1. अमेरिका की कार्रवाई और CENTCOM का बयान
10 से अधिक शहरों पर हवाई हमले: अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के केश्म, किश, काजेरून, अहवाज, अबादान, शादेगान, अरवंदकेनार, बुशेहर, जाम और खोरमोज जैसे प्रमुख शहरों में ताबड़तोड़ हमले किए।
IRGC के ठिकानों को बनाया निशाना: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दर्जनों सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर, मिसाइल व ड्रोन सुविधाओं तथा तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया है।
केश्म द्वीप पर नुकसान: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केश्म द्वीप पर एक रिहायशी इमारत पर हमले में एक दंपती और उनके 2 साल के बच्चे की मौत की खबर है, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हुए हैं।
2. जॉर्डन की सेना का दावा: 5 ईरानी मिसाइलें इंटरसेप्ट कीं
जॉर्डन की सरकारी एजेंसी (पेट्रा) के अनुसार, सेना ने ईरान द्वारा दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को अपने एयर डिफेंस (इंटरसेप्शन सिस्टम) के जरिए सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।
जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने कहा है कि इस कार्रवाई में देश के भीतर कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है और सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए उच्चतम अलर्ट पर है।
3. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
”ईरान ने जॉर्डन में हमारे ठिकानों पर 8,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर हमला करने की कोशिश की थी। सौभाग्य से हमारे ‘पैट्रियट’ एयर डिफेंस सिस्टम ने उन सभी को गिरा दिया। चूंकि उन्होंने हमला करने की हिमाकत की, इसलिए अब पलटवार करने की हमारी बारी है और हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे।”
ट्रंप के बयानों के अन्य प्रमुख बिंदु:
सेना नहीं हटेगी: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट से पीछे नहीं हटेगी।
चीन द्वारा ईरान को हथियार देने पर: उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को रॉकेट लॉन्चर या हथियार सप्लाई नहीं करेगा।
आर्थिक प्रतिबंध व टैरिफ: ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से मांग की कि ईरान पर केवल कड़े प्रतिबंध ही नहीं, बल्कि भारी टैरिफ भी लगाए जाएं।
4. समुद्री नाकाबंदी और आर्थिक दबाव
CENTCOM के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक और आर्थिक दबाव भी कड़ा कर दिया है। 29 जुलाई तक अमेरिकी नौसेना ने 20 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला है, 2 को निष्क्रिय किया और 2 अन्य पर नियंत्रण हासिल किया है।
अमेरिका की इस भीषण जवाबी कार्रवाई और तेहरान के पलटवार ने मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक शांति वार्ता की उम्मीदों को एक बार फिर तगड़ा झटका दिया है।
