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कांगो (DRC) में इबोला महामारी का भयावह रूप: UN अधिकारियों की दुनिया से आपातकालीन मदद और फंडिंग की अपील

कांगो (DRC) में इबोला महामारी का भयावह रूप: UN अधिकारियों की दुनिया से आपातकालीन मदद और फंडिंग की अपील

​बूनिया (डीआरसी) / जेनेवा: संयुक्त राष्ट्र (UN) के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में तेजी से फैल रही इबोला महामारी पर गंभीर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता बढ़ाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, बीमारी के फैलने की रफ्तार राहत और बचाव कार्यों की तुलना में कहीं अधिक तेज है, जिससे हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।

​यह अपील यूएन के वरिष्ठ इबोला समन्वयक जूलियन हार्नीस और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काऊ ने इतुरी प्रांत की राजधानी ‘बूनिया’ से एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की। बूनिया इस समय इबोला प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

​प्रेस ब्रीफिंग के मुख्य और गंभीर बिंदु:

​हर 20 दिन में दोगुने हो रहे मामले: जूलियन हार्नीस ने बताया कि कांगो में पिछले 24 घंटों के भीतर ही इबोला से 50 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के मामले हर 20 दिन में दोगुने हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य तंत्र की क्षमता से बहुत तेज गति है।

​पश्चिम अफ्रीका से भी तेज फैलाव: WFP निदेशक कार्ल स्काऊ के अनुसार, यह अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला संकट है। तुलनात्मक रूप से, जहां पश्चिम अफ्रीका में 1,000 मौतों का आंकड़ा छूने में 8 महीने लगे थे, वहीं डीआरसी में बीते 2 महीनों में ही 1,000 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

​भुखमरी और खाद्य संकट: पूर्वी कांगो में लंबे समय से जारी सशस्त्र संघर्ष के कारण लगभग 1 करोड़ (10 मिलियन) लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। महामारी के केंद्र इतुरी प्रांत में ही करीब 20 लाख (2 मिलियन) लोगों को तत्काल भोजन सहायता की जरूरत है।

​संयुक्त राष्ट्र की मांगें और फंडिंग का संकट:

​तत्काल अंतरराष्ट्रीय सहायता: हार्नीस ने वैश्विक समुदाय से मेडिकल टीमों, जीवनरक्षक दवाओं, लॉजिस्टिक्स और आवश्यक आपूर्ति को तुरंत बढ़ाने की मांग की है।

​सीमाएं खुली रखने की अपील: सदस्य देशों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी सीमाओं को खुला रखें ताकि स्वास्थ्य कर्मी और राहत सामग्रियां बिना किसी बाधा के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सकें।

​फंडिंग की भारी कमी:

​संयुक्त राष्ट्र की कुल मानवीय सहायता योजना के लिए 2.1 अरब डॉलर की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल 45% फंडिंग ही मिल सकी है।

​WFP को केवल लॉजिस्टिक्स (परिवहन व वितरण) प्रबंधन के लिए अगले 6 महीनों में 7.6 करोड़ (76 मिलियन) अमेरिकी डॉलर की सख्त जरूरत है।

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