दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर सियासत गरमाई: RML अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल, पुलिस से मांगी FIR और गिरफ्तार छात्रों की सूची
दिल्ली छात्र प्रदर्शन पर सियासत गरमाई: RML अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल, पुलिस से मांगी FIR और गिरफ्तार छात्रों की सूची
दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों का हालचाल जाना। इसके बाद वे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
RML अस्पताल में घायलों से मुलाकात और चिंता
अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र किसी पर हमला नहीं कर रहे थे, लेकिन उन पर बेवजह लाठीचार्ज और अत्यधिक बल प्रयोग किया गया।
छात्रा साक्षी की स्थिति: अस्पताल में भर्ती 23 वर्षीय छात्रा साक्षी (निवासी: छतरपुर एक्सटेंशन) को लेकर फैली अफवाहों के बीच पुलिस सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि उसकी हालत स्थिर है और वह पूरी तरह खतरे से बाहर है।
घायलों के आंकड़े पर भ्रम: केजरीवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें हैं, लेकिन घायलों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे केजरीवाल, DCP को लिखा पत्र
अस्पताल के बाद अरविंद केजरीवाल पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने DCP से मिलने के लिए उनके दफ्तर के बाहर इंतजार किया। इसके बाद उन्होंने DCP को एक औपचारिक पत्र सौंपकर मांग की कि पुलिस निम्नलिखित जानकारियां सार्वजनिक करे:
FIR की सूची: कल के प्रदर्शन से संबंधित दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) की पूरी लिस्ट।
हिरासत/गिरफ्तारी की जानकारी: बिना FIR के हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए छात्रों की सूची और उन्हें किस जेल या स्थान पर रखा गया है।
अभिभावकों को आश्वासन: केजरीवाल ने छात्रों और उनके माता-पिता से अपील करते हुए कहा, “किसी बच्चे को या उनके पैरेंट्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप हमारे हैं, हम आपको कुछ नहीं होने देंगे।”
राजनीतिक और कानूनी मोड़
एक तरफ जहां विपक्षी दल पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और बल प्रयोग को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बता रहे हैं, वहीं पुलिस व प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए गए थे। फिलहाल पूरे मामले में कानूनी जांच और राजनीतिक बयानबाजी दोनों जारी हैं।
