उत्तराखंड

देहरादून में ‘अग्निवीर संवाद’: सीएम धामी ने युवाओं से की चर्चा, सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम

देहरादून में ‘अग्निवीर संवाद’: सीएम धामी ने युवाओं से की चर्चा, सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम

​देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित ‘अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं की भारी और उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों की संख्या में पहुंचे युवाओं से सीधे बातचीत की। संवाद के दौरान अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य, राष्ट्रसेवा और उनके पुनर्वास (Rehabilitation) से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

​वीरभूमि के युवाओं के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और देश सेवा के प्रति यहाँ के युवाओं के जज्बे को नमन किया।

​सर्वोच्च प्राथमिकता: सीएम ने कहा कि उत्तराखंड एक ‘वीरभूमि’ है। सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान व कल्याण सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​भविष्य की सुरक्षा: अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके तहत राष्ट्रसेवा के बाद अग्निवीरों को उत्तराखंड की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

​सम्मानजनक रोजगार का संकल्प: इस आरक्षण नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की सेवा का कार्यकाल पूरा करने के बाद जब अग्निवीर वापस लौटें, तो उन्हें अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार के बेहतर और सुरक्षित अवसर प्राप्त हो सकें।

​कौशल और अनुभव का होगा प्रभावी उपयोग

​मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर जो कठिन अनुशासन, अनुभव और विशेष कौशल (Skills) हासिल करेंगे, राज्य सरकार उसका विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी उपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

​सरकार की योजना अग्निवीरों की इस ऊर्जा और क्षमता को राज्य के विकास से जोड़ने की है।

​इसके लिए विभिन्न विभागों में उनके अनुकूल अवसर तैयार किए जा रहे हैं ताकि वे राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ उत्तराखंड के विकास में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

​इस संवाद कार्यक्रम के माध्यम से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश सरकार सैन्य गौरव की समृद्ध परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

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