Friday, July 17, 2026
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उत्तराखंड

देहरादून: फर्जी IPS बनकर लाखों की ठगी करने वाला रिटायर्ड अधिकारी का बेटा गिरफ्तार

देहरादून: फर्जी IPS बनकर लाखों की ठगी करने वाला रिटायर्ड अधिकारी का बेटा गिरफ्तार

​उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की राजपुर पुलिस ने खुद को नकली आईपीएस (IPS) अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक हाई-प्रोफाइल आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आर यशोवर्धन के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के ही एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) वरिष्ठ अधिकारी का बेटा है।

​बचपन से अधिकारियों का रुतबा देखकर बड़ा हुआ यशोवर्धन खुद अधिकारी बनने के सपने पूरे न होने पर इस अपराध की राह पर चल पड़ा।

​लालसा और असफलता ने बनाया जालसाज

​देहरादून पुलिस के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 35 वर्षीय आरोपी आर यशोवर्धन ने दो बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा दी थी, लेकिन दोनों बार उसे असफलता हाथ लगी।

​पिता के पद और प्रभाव के कारण उसने बचपन से ही वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली ताकत, रुतबा और सुविधाएं देखी थीं। परीक्षा में फेल होने के बाद भी वह इसी रसूख को हासिल करना चाहता था, जिसके लिए उसने फर्जी पहचान का सहारा लिया।

​ठगी के लिए जुटाई वर्दी, वायरलेस और फर्जी आईडी

​लोगों को झांसा देने और खुद को असली पुलिस अधिकारी साबित करने के लिए आरोपी ने बकायदा एक पूरा सेटअप तैयार कर रखा था। पुलिस ने उसके पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:

​5 फर्जी आईडी कार्ड (विभिन्न सरकारी विभागों के)

​8 फर्जी विजिटिंग कार्ड (अलग-अलग रैंक के अधिकारी के रूप में)

​25 पुलिस और आर्मी के लोगो (Logo)

​3 जोड़ी सेना/पैरामिलिट्री की वर्दी और 3 फर्जी रिबन

​1 वायरलेस सेट

​वह इन वर्दी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था और नौकरी लगवाने, टेंडर पास कराने या अन्य सरकारी काम करवाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेता था।

​इन दो मामलों के बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे

​आरोपी के खिलाफ देहरादून के राजपुर थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी:

​पहला मामला (8 जुलाई 2026): डाकरा बाजार के रहने वाले अंशुल उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि यशोवर्धन ने खुद को बड़ा अधिकारी बताकर उनकी दिवंगत मां के नाम पर कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी की थी।

​दूसरा मामला (15 जुलाई 2026): कैनाल रोड की रहने वालीं डॉ. अनुपमा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) में ‘डेटा साइंस कंसल्टेंट’ की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 4 लाख 60 हजार रुपये हड़प लिए।

​मसूरी रोड से हुई गिरफ्तारी

​लगातार मिल रही शिकायतों के बाद राजपुर पुलिस ने जाल बिछाया। 16 जुलाई 2026 को मसूरी रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने सीएसआई (CSI) तिराहे के पास से आरोपी आर यशोवर्धन को दबोच लिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इस फर्जीवाड़े के जरिए और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

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