Thursday, July 16, 2026
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पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन हादसा: भारी भीड़ के कारण मची भगदड़, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत और 200 से अधिक घायल

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन हादसा: भारी भीड़ के कारण मची भगदड़, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत और 200 से अधिक घायल

​ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन (गुरुवार) एक दुखद हादसा हो गया। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालुओं के जनसैलाब के कारण पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर अचानक भगदड़ मच गई। इस अफरा-तफरी में दम घुटने के कारण एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​रथों को निकालते समय मची अफरा-तफरी

​यह हादसा उस समय हुआ जब भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विशाल रथों को मुख्य मंदिर से बाहर निकाला जा रहा था। रथों की एक झलक पाने और उन्हें खींचने के लिए ग्रैंड रोड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

​दम घुटने से मौत: अत्यधिक भीड़ के दबाव और उमस के कारण श्रद्धालुओं को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। इस दौरान एक श्रद्धालु बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसे तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मौत पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

​त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन: घटना के तुरंत बाद ‘स्पेशल रेस्क्यू यूनिट’ (SRU) की टीमों ने मोर्चा संभाला। टीमों ने भीड़ के बीच फंसे और अस्वस्थ महसूस कर रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल और अस्वस्थ 200 से अधिक श्रद्धालुओं को इलाज के लिए पुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​भक्तिमय माहौल के बीच ‘रथ यात्रा 2026’ का आगाज

​इस हादसे के इतर, जगन्नाथपुरी की ऐतिहासिक रथ यात्रा का शुभारंभ बेहद पारंपरिक और धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं के ‘जय जगन्नाथ’ के नारों, शंखनाद, घंटे-घड़ियाल और झांझ की दिव्य ध्वनियों के बीच तीनों भगवानों की ‘पहंडी’ (जुलूस) निकाली गई:

​सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन को मुख्य मंदिर से बाहर लाकर देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथ पर स्थापित किया गया।

​इसके बाद ‘शून्य पहंडी’ रस्म के जरिए देवी सुभद्रा की मूर्ति को रथ पर विराजमान कराया गया।

​अंत में भगवान बलभद्र और ब्रह्मांड के स्वामी भगवान जगन्नाथ की मूर्ति जैसे ही मंदिर के सिंहद्वार से बाहर निकली, पूरा ग्रैंड रोड भक्ति के रंग में सराबोर हो गया। यह रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ के मौसी के घर यानी ‘गुंडिचा मंदिर’ तक जाएगी।

​भारी बारिश और जलभराव से निपटने की चुनौती

​इस बार की रथ यात्रा के दौरान प्रशासन के सामने मौसम भी एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। पिछले 24 घंटों में पुरी में करीब 200 मिलीमीटर भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।

​प्रशासनिक तैयारियां: स्थिति को देखते हुए ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने खुद बुधवार रात पुरी के संवेदनशील इलाकों (जैसे रेड क्रॉस अस्पताल क्षेत्र) का जमीनी दौरा किया।

​पंपिंग यूनिट्स तैनात: पुरी नगर निगम (PMC) और शहरी विकास विभाग की चौबीसों घंटे काम करने वाली अलर्ट टीमों को तैनात किया गया है। जल निकासी को दुरुस्त करने के लिए हाई-कैपेसिटी वाली पंपिंग यूनिट्स और बाईपास पाइपलाइनों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि मुख्य सड़कों पर पानी जमा न हो सके और श्रद्धालुओं के मार्ग में कोई बाधा न आए।

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