Thursday, July 16, 2026
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“श्रीकृष्ण मुसलमान थे और नमाज पढ़ते थे”: मौलाना जरजिश अंसारी के विवादित बयान पर बवाल, हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश

“श्रीकृष्ण मुसलमान थे और नमाज पढ़ते थे”: मौलाना जरजिश अंसारी के विवादित बयान पर बवाल, हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश

​उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जरजिश अंसारी के एक विवादित बयान को लेकर सोशल मीडिया और हिंदू संगठनों में तीखा आक्रोश देखने को मिल रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच मौलाना ने भगवान श्री कृष्ण को लेकर दावा किया कि वे ‘मुसलमान’ थे और ‘पांच वक्त की नमाज’ पढ़ते थे। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है।

​गीता के श्लोक की गलत व्याख्या कर किया दावा

​वायरल हो रहा यह वीडियो पिछले महीने 23 जून का बताया जा रहा है, जिसमें मौलाना जरजिश झारखंड में एक तकरीर (भाषण) देते नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने भगवद गीता के छठे अध्याय के एक श्लोक—”योगी युञ्जीत सततमात्मानं…” का गलत अर्थ निकालते हुए भगवान श्रीकृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताया।

​मौलाना ने मंच से कहा:

​”अगर आपको यकीन न आए तो भगवद् गीता देख लीजिए। इसमें श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, जब ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। योगी… यूपी वाला नहीं, बल्कि पूरे शरीर का योग करो यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए।”

​मौलाना ने इसी व्याख्या के आधार पर दावा किया कि भगवान कृष्ण वास्तव में मुस्लिम थे और वे मुस्लिम धर्म का ही प्रचार करते थे।

​हिंदू धर्मगुरुओं और संतों की तीखी प्रतिक्रिया

​मौलाना के इस बयान के बाद देश के प्रमुख संतों और हिंदू धर्मगुरुओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।

​महंत विष्णु दास (अयोध्या): अयोध्या के महंत विष्णु दास ने इस बयान पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए एक विवादित घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो कोई भी ऐसे मौलाना की जीभ काट कर लाएगा, उसे 10 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

​धर्मदास महाराज (अयोध्या): अयोध्या के धर्मगुरु धर्मदास महाराज ने मौलाना की बात को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि मौलाना को इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है और वे सिर्फ अपनी वाहवाही लूटने के लिए ऐसी अनर्गल बातें कह रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया, “यह घटनाक्रम पांच हजार साल पुराना है, जबकि मुस्लिम धर्म का इतिहास केवल 1300-1400 साल पुराना है। उस समय दुनिया में सनातन धर्म के अलावा और कोई धर्म अस्तित्व में ही नहीं था। इसलिए मौलाना के बयान का कोई वजूद नहीं है।”

​हिंदू महासभा ने थाने में दी तहरीर, आंदोलन की चेतावनी

​इस बयान को करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान बताते हुए ‘अखिल भारत हिंदू महासभा’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी लखनऊ के हजरतगंज थाने पहुंचे और आरोपी मौलाना के खिलाफ लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की।

​शिशिर चतुर्वेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा मौलाना को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे हजरतगंज थाने और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। हिंदू महासभा का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के खिलाफ ऐसी अमर्यादित टिप्पणी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल सोशल मीडिया पर मौलाना की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।

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