आरजेडी में बड़ी बगावत: लालू यादव के करीबी और मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दिया इस्तीफा, तेजस्वी यादव को बड़ा झटका
आरजेडी में बड़ी बगावत: लालू यादव के करीबी और मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दिया इस्तीफा, तेजस्वी यादव को बड़ा झटका
बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर एक बहुत बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. आरजेडी के सबसे मुखर, चर्चित और वरिष्ठ प्रवक्ताओं में से एक मृत्युंजय तिवारी ने गुरुवार (16 जुलाई 2026) को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
वे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेहद वफादार और करीबी माने जाते थे. मृत्युंजय तिवारी ने पटना में आरजेडी के प्रदेश कार्यालय पहुंचकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को अपना इस्तीफा सौंपा.
”दीमक की तरह कुछ लोग पार्टी को खोखला कर रहे हैं” — तिवारी का गंभीर आरोप
इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बातचीत में मृत्युंजय तिवारी का दर्द और नाराजगी साफ तौर पर सामने आई. उन्होंने आरोप लगाया कि समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है और नेतृत्व उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर रहा है.
आत्मसम्मान से समझौता नहीं: मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “आज मैंने आरजेडी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। मैंने प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में साफ कह दिया है कि अब मेरे जैसे समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के लिए इस पार्टी में कोई सम्मान नहीं बचा है। मान-सम्मान के साथ समझौता करके राजनीति नहीं की जा सकती।”
नेताओं को दीमक बताया: उन्होंने किसी का सीधे नाम लिए बिना पार्टी के भीतर मौजूद कुछ चेहरों पर तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ लोग ‘दीमक’ की तरह पार्टी को अंदर ही अंदर चाटकर बर्बाद कर रहे हैं.
लालू प्रसाद यादव ने 2014 में सौंपी थी जिम्मेदारी
भागलपुर के रहने वाले मृत्युंजय तिवारी को राष्ट्रीय जनता दल में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर एक बड़ा और कद्दावर नेता माना जाता था.
साल 2014 में खुद लालू प्रसाद यादव ने उनकी वाकपटुता और काबिलियत को देखते हुए उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता नियुक्त किया था.
पिछले 12 सालों से वे लगातार हर कठिन परिस्थिति में, चाहे लालू परिवार पर कोई भी संकट आया हो, टीवी डिबेट्स से लेकर जमीनी स्तर पर आरजेडी का मजबूती से बचाव करते नजर आते थे.
बांकीपुर उपचुनाव से पहले पार्टी को तगड़ा झटका
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मृत्युंजय तिवारी का अचानक पार्टी छोड़ना आरजेडी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है:
बांकीपुर उपचुनाव से पहले झटका: बिहार में होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले पार्टी के इतने बड़े प्रवक्ता का जाना आरजेडी के लिए भारी पड़ सकता है.
तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ीं: तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर होने के बीच बिहार में पार्टी के अंदर मचे इस घमासान और बगावत ने आरजेडी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इसके अलावा चर्चाएं यह भी हैं कि औरंगाबाद से आरजेडी के सांसद अभय कुशवाहा भी बीजेपी के संपर्क में चल रहे हैं, जिससे आरजेडी खेमे में पूरी तरह से खलबली मची हुई है.
मृत्युंजय तिवारी ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर फिलहाल कोई पत्ता नहीं खोला है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी अन्य दल (जैसे बीजेपी या जेडीयू) में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे जनता के सेवक हैं और आगे भी जनता के बीच रहकर ही काम करते रहेंगे.
