Tuesday, July 14, 2026
राष्ट्रीय

अंतरिक्ष में भारत का मान: भारतीय मूल के अनिल मेनन ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए भरी उड़ान, आठ महीने तक करेंगे वैज्ञानिक शोध

अंतरिक्ष में भारत का मान: भारतीय मूल के अनिल मेनन ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए भरी उड़ान, आठ महीने तक करेंगे वैज्ञानिक शोध

​बैकोनूर कॉस्मोड्रोम (कजाकिस्तान), 14 जुलाई 2026: भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने मंगलवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए अपने जीवन की पहली और ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा शुरू कर दी है। उन्होंने कजाकिस्तान में स्थित बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रूस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान के जरिए अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी।

​इस महत्वपूर्ण मिशन में अनिल मेनन के साथ दो रूसी अंतरिक्ष यात्री— प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी शामिल हैं। यह त्रिकोणीय टीम लगभग आठ महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन में रहकर कई जटिल वैज्ञानिक और तकनीकी प्रयोगों को अंजाम देगी।

​मिशन का मुख्य आकर्षण: मेडिकल और AI आधारित प्रयोग

​अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के अनुसार, एक कुशल चिकित्सक होने के नाते अनिल मेनन का मुख्य फोकस अंतरिक्ष में उन्नत चिकित्सा तकनीकों के परीक्षण पर रहेगा:

​भविष्य के मंगल-चंद्रमा मिशन की तैयारी: मिशन के दौरान अल्ट्रासाउंड तकनीक, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चिकित्सा प्रक्रियाओं का गहन परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य के लंबी अवधि वाले डीप स्पेस मिशनों (जैसे मंगल और चंद्रमा) के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को स्वायत्त चिकित्सा सहायता देना है।

​मानव शरीर पर माइक्रोग्रैविटी का असर: अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी (माइक्रोग्रैविटी) के कारण मानव शरीर में होने वाले बदलावों, जैसे रक्त प्रवाह, नसों की संरचना और रक्त की बनावट (Blood Composition) का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

​अंतरिक्ष में IV फ्लूइड का निर्माण: इस मिशन के दौरान स्पेस स्टेशन के पीने योग्य पानी से ही इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड (सलाइन वॉटर/दवा चढ़ाने वाला तरल) तैयार करने की एक नई और क्रांतिकारी तकनीक का परीक्षण किया जाएगा।

​कौन हैं बहुमुखी प्रतिभा के धनी अनिल मेनन?

​49 वर्षीय अनिल मेनन का जीवन असाधारण उपलब्धियों से भरा हुआ है। उनके पिता भारतीय और मां यूक्रेनी मूल की हैं।

​एक डॉक्टर और सैन्य अधिकारी: अनिल मेनन पेशे से एक इमरजेंसी मेडिसिन फिजिशियन (आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ) होने के साथ-साथ अमेरिकी स्पेस फोर्स (US Space Force) में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने न्यूरोबायोलॉजी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मेडिसिन में उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

​नासा और स्पेसएक्स में शानदार करियर: उन्होंने साल 2014 में नासा में एक फ्लाइट सर्जन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2018 में उन्होंने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के मेडिकल प्रोग्राम की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई और कंपनी के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन की तैयारियों को संभाला।

​भारत और सामाजिक कार्यों से जुड़ाव: अनिल मेनन ने अफगानिस्तान में अमेरिकी वायुसेना के साथ डॉक्टर के रूप में सेवा देने के अलावा ‘हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन’ के साथ भी काम किया है। उनका भारत से भी गहरा नाता रहा है; उन्होंने भारत में पोलियो टीकाकरण अभियानों को बढ़ावा देने के लिए एक वर्ष तक ‘रोटरी एंबेसडेरियल स्कॉलर’ के रूप में जमीन पर कार्य किया था।

​मिशन के लिए चयन:

नासा ने जुलाई 2025 में उनके व्यापक चिकित्सा और तकनीकी अनुभव को देखते हुए इस विशेष अंतरिक्ष मिशन के लिए उनके नाम पर मुहर लगाई थी, जिसके बाद आज उनका यह अंतरिक्ष में जाने का सपना साकार हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *