Saturday, July 11, 2026
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​भारत की बड़ी कामयाबी: 2013 के सोपोर आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और हिज्बुल कमांडर इम्तियाज कांडू के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी

​भारत की बड़ी कामयाबी: 2013 के सोपोर आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और हिज्बुल कमांडर इम्तियाज कांडू के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी

​श्रीनगर / नई दिल्ली: भारत की आतंकवाद-रोधी मुहिम में कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता हाथ लगी है. SIA ने साल 2013 में हुए बदनाम ‘तारजू (ह्यगाम) आतंकी हमले’ के मुख्य आरोपी और हिज्बुल मुजाहिदीन के खूंखार कमांडर इम्तियाज अहमद कांडू (उर्फ फयाज उर्फ सज्जाद) के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) हासिल कर लिया है. इस कदम के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार आतंकी कांडू की घेराबंदी तेज हो गई है.

​क्या था 2013 का तारजू (ह्यगाम) आतंकी हमला?

​यह मामला जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक और कायराना हमलों में से एक है:

​घटना: 26 अप्रैल 2013 को सोपोर के हाइगाम स्थित पीर मोहल्ला में आतंकवादियों ने ऑटोमेटिक हथियारों से लैस होकर पुलिस पार्टी पर घात लगाकर अंधाधुंध फायरिंग की थी.

​नुकसान: इस भीषण हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे.

​SIA को जांच: शुरुआत में सोपोर के तारजू पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए इस मामले को साल 2024 में विस्तृत और गहन जांच के लिए SIA कश्मीर को सौंप दिया गया. SIA ने डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और साजिश की कड़ियों को दोबारा जोड़ते हुए जुलाई 2024 में सक्षम ट्रायल कोर्ट में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

​चार्जशीट के 6 आरोपियों का मौजूदा स्टेटस: 2 ढेर, 3 जेल में और 1 फरार

​SIA की तफ्तीश और सुरक्षा बलों के अलग-अलग ऑपरेशनों में इस हमले में शामिल चेहरों का अंजाम कुछ इस तरह रहा है:

​मुठभेड़ में मारे गए (2 आतंकी)

​तारिक अहमद मीर (निवासी: कलमाबाद, हंदवाड़ा)

​कयूम नाजर (निवासी: बटपोरा, सोपोर)

ये दोनों सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में ढेर हो चुके हैं.

​गिरफ्तार और मुकदमों का सामना कर रहे (3 आतंकी)

​जावेद अहमद मट्टू (सोपोर)

​रऊफ नाजर (सोपोर)

​अहमदुल्लाह मल्ला (दलाल मोहल्ला, श्रीनगर)

ये तीनों फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं और इन पर अदालत में मुकदमा चल रहा है.

​फरार मुख्य साजिशकर्ता (1 आतंकी)

​इम्तियाज अहमद कांडू: मामले का छठा और मुख्य आरोपी कांडू लंबे समय से फरार है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वह भारत से भागकर पाकिस्तान में पनाह लिए हुए है और वहीं से अपनी गतिविधियां चला रहा है.

​कौन है इम्तियाज अहमद कांडू और क्या है इसका इतिहास?

​करालटंग (सोपोर) का रहने वाला इम्तियाज अहमद कांडू साल 2010 से ही प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का एक बेहद सक्रिय सदस्य और कमांडर रहा है.

​नामित व्यक्तिगत आतंकवादी: भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में लगातार संलिप्तता के कारण भारत सरकार ने अक्टूबर 2022 में उसे ‘नामित व्यक्तिगत आतंकवादी’ (Designated Individual Terrorist) घोषित किया था.

​10 से ज्यादा मामलों में वांछित: हाइगाम हमले के अलावा कांडू कश्मीर घाटी में कम से कम 10 अन्य आतंकी मामलों में मुख्य रूप से वांछित है.

​15 से अधिक नागरिकों की हत्या का आरोप: वह टारगेट किलिंग, ग्रेनेड हमलों, हथियारों की सीमा पार से तस्करी और नार्को-टेरर फंडिंग (मादक पदार्थों के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देना) जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है, जिनमें 15 से ज्यादा बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है.

​इंटरपोल नोटिस के मायने: रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब दुनिया भर की 190 से ज्यादा देशों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कांडू की तलाश करेंगी. इससे पाकिस्तान पर भी अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा, जहां उसके छिपे होने की पूरी आशंका है.

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