Saturday, July 11, 2026
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इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस एंड स्पोर्ट्स एंगेजमेंट: पीएम लक्सन ने खुद को बताया भारत का बड़ा फैन, पीएम मोदी बोले- ‘अब 40 साल नहीं लगेंगे’

इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस एंड स्पोर्ट्स एंगेजमेंट: पीएम लक्सन ने खुद को बताया भारत का बड़ा फैन, पीएम मोदी बोले- ‘अब 40 साल नहीं लगेंगे’

​ऑकलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरे के दौरान ऑकलैंड में आयोजित ‘इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस एंड स्पोर्ट्स एंगेजमेंट’ कार्यक्रम में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार, विकास और मजबूत सांस्कृतिक व खेल संबंधों को लेकर अपनी बात रखी। इस भव्य कार्यक्रम में जहां न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत की आर्थिक प्रगति और पीएम मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की, वहीं पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊर्जा दी।

​”मैं लंबे समय से भारत का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूँ” – पीएम क्रिस्टोफर लक्सन

​न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 1990 के दशक में यूनिलीवर (हिंदुस्तान लीवर) के लिए काम करने के दौरान की अपनी पहली भारत यात्रा को याद किया। उन्होंने पिछले तीन दशकों में भारत में आए आर्थिक और सामाजिक बदलाव को “अविश्वसनीय” और “प्रेरणादायक” बताया।

​पीएम लक्सन ने कहा:

​”90 के दशक के मध्य में जब मैं भारत गया था, तब लोगों को उनकी दिहाड़ी के रुपये सिक्कों के रूप में दिए जाते थे। लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। देश का मध्यम वर्ग 44 करोड़ से बढ़कर इस दशक के अंत तक 75 करोड़ होने जा रहा है। यह एक अद्भुत क्रांति है।”

​लक्सन ने लाओस में पीएम मोदी के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में रिकॉर्ड समय में 147 एयरपोर्ट्स का निर्माण और शिक्षा का विस्तार देखना बेहद रोमांचक है। उन्होंने दोनों देशों के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सरकारें सिर्फ माहौल बना सकती हैं, लेकिन इसे हकीकत में बदलने की असली जिम्मेदारी बिजनेस लीडर्स की है।

​40 साल बाद भारत के पीएम का दौरा, मोदी ने दी अपनी ‘गारंटी’

​भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक अंदाज में बताया कि 25-30 साल पहले जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे, तब वे न्यूजीलैंड आए थे। उस समय एक साथी द्वारा उपहार में दिया गया मफलर वे आज भी संभाल कर लाए हैं।

​पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को आश्वस्त करते हुए कहा:

​”इस बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में 40 साल लग गए, लेकिन अगली बार आपको इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा… अब 40 साल नहीं लगेंगे, ये मोदी की गारंटी है।”

​भारत-न्यूजीलैंड के रिश्ते: ‘वाका’ के नए सफर की शुरुआत

​पीएम मोदी ने माओरी संस्कृति के पारंपरिक शब्द ‘वाका’ (Waka – पारंपरिक नाव) का उदाहरण देते हुए कहा कि यह शब्द दोनों देशों की ‘साझा यात्रा’ (Shared Journey) का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड की यह ‘वाका’ अब एक नए सफर के लिए तैयार है, जिसके असली नाविक न्यूजीलैंड के कोने-कोने में बसे भारतीय लोग हैं।

​पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड की धरती पर भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस दिलदार देश ने भारतीयों को बेहद प्रेम से अपनाया है। उन्होंने गवर्नर जनरल रहे आनंद सत्यानंद, एयर न्यूजीलैंड के सीईओ निखिल रविशंकर और क्रिकेट टीम के सितारे रचिन रविंद्र, ईश सोढी व रैदास पटेल का जिक्र कर भारतीय प्रतिभाओं के सम्मान को रेखांकित किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के उन शहरों और रास्तों की भी चर्चा की जिनके नाम खंडाला, बॉम्बे हिल्स, दिल्ली क्रिसेंट और अमृतसर स्ट्रीट जैसे भारतीय शहरों पर रखे गए हैं।

​”न्यूजीलैंड से भारत ने बहुत कुछ सीखा”

​प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से सीखने के लिए तत्पर रहने वाला देश है। उन्होंने दो खास उदाहरण दिए:

​महिला सशक्तिकरण: न्यूजीलैंड दुनिया का पहला देश है जिसने महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया। आज भारत भी ‘वीमेन-लेड डेवलपमेंट’ (महिला नेतृत्व में विकास) के रास्ते पर चल रहा है।

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था: न्यूजीलैंड ने दिखाया कि कैसे ग्रामीण इकोनॉमी देश की तकदीर बदल सकती है। यह भारत जैसे छोटे किसानों वाले बड़े कृषि प्रधान देश के लिए एक बड़ी सीख है।

​खेल संबंधों के 100 साल और ग्लोबल लीडर बनता भारत

​पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2026 भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने का गवाह बना है। एक सदी पहले साल 1926 में भारतीय हॉकी टीम हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में न्यूजीलैंड आई थी। उन्होंने आज के दौर को ‘कोलाब’ (Collaboration) का दौर बताते हुए खेलों और स्पेस सेक्टर में साथ काम करने की वकालत की।

​वैश्विक मंच पर भारत की प्रगति का ब्योरा देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश है। साथ ही, यूपीआई (UPI) के जरिए अरबों के डिजिटल ट्रांजैक्शन कर भारत दुनिया को विकास का नया मॉडल दे रहा है।

​विरासत के प्रति प्रतिबद्धता

​पीएम मोदी ने अंत में भारत की अपनी संस्कृति और विरासत के प्रति निष्ठा को दोहराते हुए कहा कि जहां भारत पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को महत्व दे रहा है, वहीं अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने अफगानिस्तान संकट के दौरान पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के पवित्र स्वरूप को भारत वापस लाने के ऐतिहासिक कदम का भी विशेष उल्लेख किया।

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