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कीव पर रूस का अब तक का सबसे बड़ा हमला: 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन दागे, जेलेंस्की बोले— ‘इंटरसेप्टर की कमी से हुआ भारी नुकसान’

कीव पर रूस का अब तक का सबसे बड़ा हमला: 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन दागे, जेलेंस्की बोले— ‘इंटरसेप्टर की कमी से हुआ भारी नुकसान’

​कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन की राजधानी कीव एक बार फिर भीषण हवाई हमलों की चपेट में आ गई है। रविवार रात रूसी सेना ने कीव और उसके आसपास के इलाकों पर मिसाइलों और सैकड़ों आत्मघाती ड्रोनों से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। इस भीषण हमले में कई रिहायशी इमारतें जमींदोज हो गईं, जिसके कारण कई मासूम लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

​68 मिसाइलें और 351 ड्रोनों से दहला शहर

​यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रूस ने रविवार रात को चौतरफा हमला बोलते हुए कीव पर 68 मिसाइलें और 351 लड़ाकू ड्रोन दागे। हमले के बाद प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

​राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “शहर में 10 से ज्यादा जगहों पर भारी नुकसान हुआ है, जिनमें कई रिहायशी इमारतें (Residential Buildings) भी शामिल हैं। सभी आपातकालीन और जरूरी सेवाएं मौके पर मुस्तैद हैं। लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।”

​हमले में भारी जानी नुकसान, मलबे से निकाले जा रहे लोग

​यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है:

​कीव शहर में तबाही: कीव शहर में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 60 लोग घायल हैं। रेस्क्यू टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक मलबे से दो बच्चों समेत 64 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

​कीव क्षेत्र (आसपास के इलाके): कीव के बाहरी इलाकों में भी रूसी मिसाइलों ने कहर बरपाया है, जहां 3 लोगों की जान चली गई और 16 अन्य घायल हुए हैं।

​विश्नेव में भयंकर आग: कीव के पास स्थित विश्नेव (Vishneve) में मिसाइल गिरने वाली जगह पर भीषण आग लगी हुई है। वहां के निजी रिहायशी इलाकों को खाली कराया जा रहा है। स्थिति को संभालने के लिए 400 से ज्यादा बचावकर्मी और पुलिस अधिकारी रात-दिन काम कर रहे हैं।

​बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा एयर डिफेंस

​राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने सैनिकों की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि यूक्रेनी एयर डिफेंस ने कई ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेनी सेना रूस की घातक बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic Missiles) को रोकने में पूरी तरह विफल रही। जेलेंस्की के मुताबिक, इस विफलता की मुख्य वजह यूक्रेन के पास ‘इंटरसेप्टर मिसाइलों’ (Interceptor Missiles) की भारी कमी होना है।

​नाटो शिखर सम्मेलन और अमेरिका से बड़ी अपील

​इस भीषण तबाही के बाद जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों और सहयोगी मुल्कों पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि अंकारा (तुर्की) में होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन (NATO Summit) से दुनिया, खासकर अमेरिका और हमारे यूरोपीय साझेदार, यूक्रेन की हवाई सुरक्षा (Air Defense) को मजबूत करने के लिए ठोस और बड़े फैसले लेकर निकलें।”

​सहयोगी देशों पर साधा निशाना:

जेलेंस्की ने तल्ख लहजे में कहा कि जब तक सहयोगी देशों के गोदामों में ‘पैट्रियट’ (Patriot Air Defense System) जैसी आधुनिक मिसाइलें धूल खाती रहेंगी, तब तक रूस को यूक्रेन की रिहायशी इमारतों पर बेखौफ हमले जारी रखने का हौसला मिलता रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका और यूरोप के पास इस रूसी आतंक को पूरी तरह रोकने की क्षमता है, बस उन्हें मजबूत इच्छाशक्ति दिखानी होगी।

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