उत्तराखंड

​लक्सर विवाद: चौतरफा घिरे पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन, दलित समाज से मांगी लिखित और वीडियो माफी

​लक्सर विवाद: चौतरफा घिरे पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन, दलित समाज से मांगी लिखित और वीडियो माफी

​हरिद्वार/लक्सर: उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। करीब एक सप्ताह पहले लक्सर कोतवाली में दर्ज हुए एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे के बाद अब चैंपियन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। चौतरफा बढ़ते दबाव और दलित संगठनों के उग्र विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व विधायक ने बैकफुट पर आते हुए पीड़ित पक्ष और पूरे अनुसूचित समाज से वीडियो जारी कर माफी मांगी है।

​क्या है पूरा मामला?

​शिकायतकर्ता और शांतरशाह गांव निवासी जोगेंद्र के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम 22 जून की शाम का है। जोगेंद्र अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ कार से लक्सर के खेड़ी लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया और कार सवार व्यक्ति ने उनकी गाड़ी पर हाथ मारा। अगले दिन पुलिस ने संजीव को कोतवाली बुलाकर बताया कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, तब उन्हें पता चला कि वह कार पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन की थी।

​मामले को सुलझाने के लिए जब जोगेंद्र के साथी वीर सिंह ने चैंपियन को फोन किया, तो आरोप है कि चैंपियन ने संजीव को फोन पर लगातार भद्दी गालियां दीं, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही उन्होंने घर की महिलाओं के लिए भी आपत्तिजनक शब्द कहे। इस कथित बातचीत का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया।

​चैंपियन का पुराना रुख और गनर की क्रॉस-तहरीर

​शुरुआत में जब इस वायरल वीडियो और ऑडियो को लेकर पूर्व विधायक से सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे पूरी तरह ‘फेक’ (फर्जी) बताया था। चैंपियन का दावा था कि जब वह लक्सर से गुजर रहे थे, तो उनकी सुरक्षा को भेदने की कोशिश की गई थी और उनकी गाड़ी में टक्कर मारी गई थी।

​इस संबंध में चैंपियन के गनर संजय चौहान की ओर से भी लक्सर कोतवाली में खेड़ी कलां निवासी संजीव कुमार और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने, टक्कर मारने और गाली-गलौज करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। चैंपियन का कहना था कि इसी क्रॉस-केस के कारण संजीव उन पर झूठे आरोप लगा रहा है।

​भीम आर्मी और दलित संगठनों का उग्र प्रदर्शन

​मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब भीम आर्मी और अन्य दलित संगठनों ने पूर्व विधायक की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर लक्सर कोतवाली में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दलित नेता तीरथपाल रवि सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार के जिलाधिकारी (DM) को भी ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अक्सर लोगों को डराने-धमकाने और गाली-गलौज करने के आदी हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे दलित समाज को टारगेट किया है, जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​”गलती को नजरअंदाज करें, यह महज एक दुर्घटना”: चैंपियन

​गिरफ्तारी की मांग तेज होते देख प्रणव सिंह चैंपियन ने एक वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। वीडियो में चैंपियन ने कहा:

​”मैंने हमेशा सम्मानित अनुसूचित समाज को अपना समाज माना है। मैंने हमेशा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का सम्मान किया है। लेकिन जो घटनाक्रम हुआ है, उससे जो सम्मानित अनुसूचित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, मैं उसके लिए बहुत-बहुत माफी चाहता हूं। आप सबसे आग्रह करता हूं कि इस गलती को नजरअंदाज कर दें, जो हुआ वह एक दुर्घटना मात्र है। भविष्य में ऐसा नहीं होगा।”

​पुलिस प्रशासन का क्या है कहना?

​इस पूरे संवेदनशील मामले पर हरिद्वार के एसपी देहात (SP Rural) शेखर सुयाल ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया:

​”यह घटनाक्रम करीब एक सप्ताह पुराना है, जिसका ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ था। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वर्तमान में लक्सर के क्षेत्राधिकारी (CO) इस पूरे मुकदमे की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। पुलिस को विभिन्न संगठनों से गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन भी मिले हैं। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जैसे ही साक्ष्य (Evidence) सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक (Legal) कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

​फिलहाल, पूर्व विधायक की माफी के बाद भी दलित संगठनों का गुस्सा शांत होता है या नहीं और पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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