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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी, मुख्य आरोपी से जेल में 4 घंटे पूछताछ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी, मुख्य आरोपी से जेल में 4 घंटे पूछताछ

​अयोध्या: अयोध्या के ऐतिहासिक राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले में जांच एजेंसियों ने अब आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी आठों आरोपियों की उन संपत्तियों को कुर्क (जब्त) करने की कानूनी तैयारी में है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक (बेनामी) पाई गई हैं।

​इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने बैंक खातों को फ्रीज करने और चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण जुटाना तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में मंगलवार को विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस टीम ने मंडल कारागार पहुंचकर मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब चार घंटे तक सघन पूछताछ की।

​साधारण पृष्ठभूमि के आरोपियों ने खड़े किए आलीशान मकान और होटल

​पुलिस की आर्थिक जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

​बदहाल पैतृक घर, बाहर आलीशान जिंदगी: पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, मनीष, लवकुश मिश्र, करुणेश पांडेय, रमाशंकर और सुभाष श्रीवास्तव बेहद साधारण पृष्ठभूमि के हैं। इनके पैतृक मकान आज भी ग्रामीण इलाकों में बदहाल और जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़े हैं।

​चोरी की रकम से निवेश: इसके बावजूद इन लोगों ने चढ़ावे की चोरी की रकम से दूसरी प्राइम लोकेशंस पर महंगी जमीनें खरीदकर आलीशान मकान बनवा लिए।

​होटल-रेस्टोरेंट में शेयरिंग: पूछताछ में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि आरोपियों ने होटलों और रेस्टोरेंट के बिजनेस में पैसे लगाकर शेयरिंग (साझेदारी) कर रखी है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में महंगी गाड़ियां और कीमती मोबाइल फोन भी खरीदे गए हैं।

​4 प्रमुख बैंकों के खाते होंगे फ्रीज, निवेश के दस्तावेज जब्त

​आरोपियों के वित्तीय लेनदेन और मनी ट्रेल को पूरी तरह रोकने के लिए पुलिस की टीमों ने कड़े कदम उठाए हैं:

​बैंक स्टेटमेंट खंगाले: पुलिस टीमों ने अयोध्याधाम स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एक्सिस बैंक और केनरा बैंक में जाकर इन सभी के खातों के स्टेटमेंट और अन्य विवरण जुटाए हैं, जिसके आधार पर खातों को फ्रीज कराया जा रहा है।

​छापेमारी में मिले अहम प्रपत्र: मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक से हुई पूछताछ के बाद पुलिस को निवेश से जुड़े कई अहम प्रपत्र मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर फिक्स डिपॉजिट (FD) के कागजात, क्रेडिट व डेबिट कार्ड, महंगे आभूषण और कीमती सामानों की खरीद के पक्के दस्तावेज जब्त किए हैं।

​ट्रस्टी अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक समेत 60 से अधिक लोग जांच के दायरे में

​इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है:

​अधिकारियों से पूछताछ: पुलिस ने अब तक 60 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए चिह्नित किया है। इनमें राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा समेत कई कर्मचारी शामिल हैं।

​कारसेवकपुरम् में चर्चा: मंगलवार को पुलिस की एक विशेष टीम ने कारसेवकपुरम् पहुंचकर पूर्व महासचिव चंपत राय से भी इस पूरे प्रकरण और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त जानकारियां लीं।

​13 जुलाई तक जेल में रहेंगे आरोपी: जेल में बंद अविनाश शुक्ला से पुलिस ने विशेष तौर पर यह जानने का प्रयास किया कि 5 जून को उसके घर से हुई भारी नगदी की बरामदगी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और वह किसके इशारे पर इस रैकेट को चला रहा था। गौरतलब है कि विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत से सभी आठों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर 13 जुलाई तक के लिए जेल भेजा जा चुका है।

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