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आम जनता को बड़ी राहत: दो साल बाद सस्ता हुआ ईंधन; पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर घटा, जानें किसे मिलेगा फायदा

आम जनता को बड़ी राहत: दो साल बाद सस्ता हुआ ईंधन; पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर घटा, जानें किसे मिलेगा फायदा

​नई दिल्ली: देश के वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद देश में ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है。 भारत की सबसे बड़ी निजी फ्यूल रिटेलर कंपनी ‘नायरा एनर्जी’ (Nayara Energy) ने पेट्रोल के दामों में 5 रुपये और डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती करने का ऐलान किया है。 कंपनी द्वारा संशोधित की गई ये नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं。

​सिर्फ इन पेट्रोल पंपों पर मिलेगा सस्ती कीमतों का लाभ

​ईंधन कीमतों में हुई इस बड़ी कटौती के बीच सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यह राहत देश के सभी पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलने जा रही है:

​सरकारी कंपनियों के रेट स्थिर: सरकारी क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अपनी कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।

​90% पंपों पर पुरानी दरें: देश के लगभग 90 फीसदी से अधिक पेट्रोल पंपों का संचालन करने वाली इन सरकारी कंपनियों के रेट पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं。

​केवल नायरा आउटलेट्स पर छूट: चूंकि कीमतों में कटौती का यह फैसला पूरी तरह निजी क्षेत्र की कंपनी ‘नायरा एनर्जी’ का है, इसलिए उपभोक्ताओं को कम कीमतों का यह फायदा केवल इसी कंपनी के पेट्रोल पंपों पर मिलेगा।

​देश भर में फैले हैं 7,000 से अधिक पंप

​रूस की रोसनेफ्ट (Rosneft) समर्थित तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने हाल ही में भारतीय बाजार में अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है, जिससे देश में इसके पेट्रोल पंपों की कुल संख्या 7,000 के पार पहुंच चुकी है। कंपनी ने अपने इसी व्यापक देशव्यापी नेटवर्क पर इस बड़ी कटौती का तोहफा दिया है। हालांकि, विभिन्न राज्यों में स्थानीय टैक्स और वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) की दरें अलग-अलग होने के कारण, अलग-अलग शहरों में इस कटौती का अंतिम आंकड़ा थोड़ा भिन्न हो सकता है, लेकिन मूल कटौती पूरे नेटवर्क पर लागू कर दी गई है।

​अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी के चलते कम हुए दाम

​तेल विश्लेषकों और उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ईंधन कीमतों में आई इस कमी के पीछे वैश्विक परिस्थितियां मुख्य वजह हैं:

​तनाव कम होने का असर: पिछले दिनों अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं, जिसके बाद मजबूरी में नायरा एनर्जी ने भी बीती 26 मार्च को अपने यहां पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी थी।

​होर्मुज स्ट्रेट का दोबारा खुलना: अब मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में तनाव काफी हद तक कम हो चुका है। इसके साथ ही एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) के दोबारा पूरी तरह खुल जाने के कारण ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में आई इसी मंदी का सीधा लाभ इस प्राइवेट कंपनी ने अपने ग्राहकों तक ट्रांसफर किया है।

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