उत्तराखंड

डॉक्टर्स डे पर उत्तराखण्ड के 37 चिकित्सक सम्मानित; सभी मेडिकल कॉलेजों में खुलेंगे ‘एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

डॉक्टर्स डे पर उत्तराखण्ड के 37 चिकित्सक सम्मानित; सभी मेडिकल कॉलेजों में खुलेंगे ‘एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

​देहरादून: नेशनल डॉक्टर्स डे (राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस) के पावन अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में “पांचवें डॉक्टर ऑफ द ईयर” सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

​स्वास्थ्य मंत्री ने मंच से बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने जा रही है। इन एडवांस सेंटर्स के जरिए प्रदेश के डॉक्टरों को भविष्य में एआई तकनीक के उपयोग और उसकी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार किया जाएगा।

​विशेषज्ञ डॉक्टरों का बनेगा अलग काडर, शत-प्रतिशत होंगी नियुक्तियां

​स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार का रोडमैप साझा किया:

​दिसंबर 2026 तक शत-प्रतिशत नियुक्तियां: स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े पदों को भर दिया जाएगा और पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को भी शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।

​विशेषज्ञ चिकित्सकों का पृथक काडर: राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) की सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए उनका एक अलग से काडर तैयार किया जाएगा।

​तनाव मुक्त जीवनशैली (Stress-Free Lifestyle): डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या की प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने सभी मेडिकल कॉलेजों को योग और मेडिटेशन (ध्यान) अपनाने की सलाह दी ताकि चिकित्सक मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर देश-समाज की सेवा कर सकें।

​कुल 37 प्रतिष्ठित डॉक्टर अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित

​इस भव्य समारोह में स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रदेश के कुल 37 डॉक्टरों को सम्मानित किया:

​’डॉक्टर ऑफ द ईयर’ अवार्ड: पूरे प्रदेश से चयनित 32 उत्कृष्ट चिकित्सकों को यह सम्मान दिया गया।

​लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड: चिकित्सा जगत में जीवनभर की अनुकरणीय सेवाओं के लिए 3 वरिष्ठ डॉक्टरों को नवाजा गया।

​आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवार्ड: उत्कृष्ट प्रशासनिक व नेतृत्व क्षमता के लिए 3 प्रमुख संस्थानों के प्रमुखों/प्राचार्यों को सम्मानित किया गया।

​विशेष सम्मान: कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए डॉ. योगेश्वरी को भी स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

​सम्मानित होने वाले डॉक्टरों की पूरी सूची:

​डॉक्टर ऑफ द ईयर अवार्ड (32 चिकित्सक)

​डॉ. राकेश रावत – वीसीएसजी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, श्रीनगर

​डॉ. अच्युत नारायण पाण्डेय – वीसीएसजी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, श्रीनगर

​डॉ. विनिता रावत – वीसीएसजी गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, श्रीनगर

​डॉ. अनिश गुप्ता – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश

​डॉ. पंकज कंडवाल – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश

​डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता – दून ईएनटी हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. साशा लाबरू – नियोवाइज चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. आनंद कुमार गोयल – गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय, देहरादून

​डॉ. तृप्ति चौधरी – गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय, देहरादून

​डॉ. ज्योत्सना सेठ – सीमा डेंटल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, ऋषिकेश

​डॉ. धीराज गुप्ता – गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार

​डॉ. सुमन कुमारी पाण्डेय – गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार

​डॉ. गोदावरी जोशी – Government Medical College, हल्द्वानी

​डॉ. सुभाष जोशी – गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

​डॉ. हरि शंकर पाण्डेय – गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

​डॉ. विनिता गुप्ता – एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज, देहरादून

​प्रो. डॉ. पंकज कुमार गर्ग – एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज, देहरादून

​डॉ. (प्रो.) प्रशांत शारदा – एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज, देहरादून

​डॉ. उर्मिला पलारिया – एसएसजे गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अल्मोड़ा

​डॉ. अनिल पाण्डेय – एसएसजे गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अल्मोड़ा

​डॉ. अमित कुमार सिंह – एसएसजे गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अल्मोड़ा

​डॉ. जॉली अग्रवाल – गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. श्रुति बर्नवाल – गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. विवेकानंद सत्यवाली – गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. सुबोध नौटियाल – गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. शैली व्यास – हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जॉलीग्रांट, देहरादून

​डॉ. वीणा अस्थाना – हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जॉलीग्रांट, देहरादून

​डॉ. सिद्धांत खन्ना – कृष्णा मेडिकल सेंटर एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. शिवम डंग – कृष्णा मेडिकल सेंटर एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून

​डॉ. अंजना टाक – उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, देहरादून

​डॉ. पारुल शर्मा – उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, ऋषिकुल परिसर, हरिद्वार

​डॉ. राजीव कुमार – उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, गुरुकुल परिसर, हरिद्वार

​लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (03 चिकित्सक)

​डॉ. महेश कुरियाल – अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), देहरादून

​डॉ. जे. एन. नौटियाल – अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा परिषद, देहरादून

​डॉ. यशवंत सिंह बिष्ट – प्रोफेसर एंड हेड, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जॉलीग्रांट

​आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड (03 चिकित्सक)

​डॉ. गीता जैन – प्राचार्य, गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून

​डॉ. गोविन्द तितियाल – प्राचार्या, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

​डॉ. सौरभ वार्ष्णेय – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश

​प्रबुद्ध जनों ने व्यक्त किए विचार

​कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने शिक्षा और स्वास्थ्य के बढ़ते व्यवसायीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इलाज इतना महंगा नहीं होना चाहिए कि समाज का एक तबका इससे वंचित रह जाए। भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल ने सफल उपचार में आयुष (AYUSH) चिकित्सा पद्धति के महत्व को रेखांकित किया।

​समारोह के दौरान कपकोट के विधायक सुरेश गड़ियां, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण त्रिपाठी, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दिव्य हिमगिरि के संपादक व संयोजक डॉ. कुँवर राज अस्थाना एवं प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने अतिथियों को स्मृति चिह्न (मोमेंटो) देकर आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के डीन एम. के. पंत द्वारा दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *