महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे के “ऑपरेशन देवेंद्र” वाले दावे पर फडणवीस का पलटवार; कहा— “मेरे पंख ही नहीं हैं, तो काटेगा कौन?”
महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे के “ऑपरेशन देवेंद्र” वाले दावे पर फडणवीस का पलटवार; कहा— “मेरे पंख ही नहीं हैं, तो काटेगा कौन?”
मुंबई। महाराष्ट्र के सियासी मैदान में ‘फ्लाइट डिप्लोमेसी’ को लेकर छिड़ी जुबानी जंग अब और तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा दिए गए “ऑपरेशन देवेंद्र” वाले बयान पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद तीखा और मजाकिया पलटवार किया है। फडणवीस ने उद्धव के दावों को पूरी तरह सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास महाराष्ट्र की जनता और पार्टी आलाकमान का पूरा समर्थन है, इसलिए उन्हें किसी भी राजनीतिक साजिश की कोई परवाह नहीं है।
”मेरे पास पंख ही नहीं हैं” — फडणवीस का तंज
उद्धव ठाकरे के ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ (जिसमें उन्होंने फडणवीस को राजनीतिक रूप से कमजोर करने या उनके पर कतरने का दावा किया था) पर हंसते हुए फडणवीस ने कहा कि ये सभी बातें पूरी तरह बेबुनियाद और काल्पनिक हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा:
”जब मेरे पास कोई पंख ही नहीं हैं, तो कोई उन्हें काट कैसे सकता है? मुझे किसी भी तरह की साजिश से डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र के 14 करोड़ लोगों का आशीर्वाद और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का भरोसा मेरे साथ है। मेरा ध्यान सिर्फ राज्य के विकास पर है, न कि ऐसे बेमतलब के आरोप-प्रत्यारोप पर।”
फ्लाइट की मुलाकात को बताया “पागलों का बाजार”
हाल ही में मुंबई से नागपुर जाने वाली एक ही फ्लाइट में उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के साथ सफर करने के बाद से ही कयासों का दौर जारी है। इन सियासी अटकलों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए फडणवीस ने वर्तमान राजनीति की तुलना मराठी की एक कहावत “वेद्यांचा बाजार” (पागलों का बाजार) से कर दी। उन्होंने साफ किया कि दो राजनेताओं का एक ही विमान में होना सिर्फ एक संयोग था, लेकिन इसे लेकर बेवजह की कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
उद्धव के “बेबस” वाले दावे पर दिया मजेदार जवाब
उद्धव ठाकरे ने दावा किया था कि फ्लाइट के दौरान फडणवीस बेहद “बेबस” नजर आ रहे थे। इस पर उपमुख्यमंत्री ने बेहद दिलचस्प जवाब देते हुए कहा:
दूरी पर थे दोनों नेता: फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उड़ान के दौरान दोनों के बीच कोई खास बातचीत नहीं हुई। उद्धव ठाकरे विमान के एक कोने में बैठे थे और वह खुद दूसरे कोने में। अगर दोनों पास बैठे होते, तो सामान्य शिष्टाचार के तहत बातचीत जरूर होती।
वेब सीरीज देख रहे थे फडणवीस: उद्धव के ‘बेबसी’ वाले तंज पर फडणवीस ने कहा, “मैं पूरी यात्रा के दौरान अपने मोबाइल पर फिल्म और वेब सीरीज देखने में व्यस्त था। ऐसे में कोई मेरे चेहरे पर बेबसी कैसे देख सकता है?”
क्या है ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ और ‘ऑपरेशन टाइगर’ का कनेक्शन?
दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा जोरों पर है, जिसके तहत उद्धव ठाकरे की पार्टी (शिवसेना यूबीटी) के कई सांसदों के टूटकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की खबरें आ रही हैं। इसी टूट से ध्यान भटकाने के लिए उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर अपने ही नेता को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ का पासा फेंका था।
इसके साथ ही फडणवीस ने साल 2019 के घटनाक्रम को याद करते हुए उद्धव पर निशाना साधा और कहा कि अगर उस समय उन्हें (भाजपा को) धोखा न मिला होता और समर्थन मिला होता, तो आज महाराष्ट्र की तस्वीर कुछ और होती। हालांकि, अब वे राजनीति में किसी भी तरफ से मिलने वाली “शुभकामनाओं” को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
