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अरुणाचल प्रदेश: हफ्तेभर में दूसरी बार फटा बादल; सड़कों-पुलों के बहने से हाहाकार, कई जिलों में रेड अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश: हफ्तेभर में दूसरी बार फटा बादल; सड़कों-पुलों के बहने से हाहाकार, कई जिलों में रेड अलर्ट

​ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण राज्य के कई हिस्सों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस बीच, राज्य में एक हफ्ते के भीतर बादल फटने (फ्लैश फ्लड) की दूसरी बड़ी घटना सामने आई है, जिससे हालात बेहद डरावने हो गए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है और सोमवार तक 200 मिमी से ज्यादा बारिश होने की आशंका जताई है।

​ईस्ट सियांग और लेपाराडा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

​इस प्राकृतिक आपदा की सबसे तगड़ी मार ईस्ट सियांग और लेपाराडा जिलों पर पड़ी है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, अकेले ईस्ट सियांग जिले में ही 9 मुख्य सड़कें या तो मलबे में तब्दील हो चुकी हैं या बाढ़ के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई हैं। उफनती नदियों और बाढ़ के पानी के बीच फंसे कई लोगों को इमरजेंसी टीमों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

​बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान, बह गया पुल का हिस्सा

​बारिश और बाढ़ से राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है:

​पुल बहा: पासीघाट-रुन्ने-ताकिलालग रोड पर स्थित लेतोंग ब्रिज का बायां हिस्सा (LHS) बाढ़ के तेज पानी में पूरी तरह बह गया है, जिससे इस मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है।

​सड़कें बंद: पासीघाट-यागरुंग-लेडुम-टेने (PLT) रोड को प्रशासन ने अगले आदेश तक आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है।

​लाइफलाइन ठप: पासीघाट को पांगिन, मारियांग-यिंगकियोंग और मेबो-डंबुक-बोमजीर से जोड़ने वाले अहम मार्ग भारी भूस्खलन के कारण पूरी तरह ब्लॉक हैं। इसके अलावा बालेक सेकेंडरी स्कूल, रानाघाट ब्रिज और बिलात-लेडुम रोड के पास भी रास्ते बंद हैं।

​युद्ध स्तर पर राहत कार्य, 11 में से सिर्फ 2 सड़कें खुलीं

​मार्गों को दोबारा बहाल करने के लिए भारी मशीनें और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। हालांकि, निगरानी में रखी गईं 11 महत्वपूर्ण सड़कों में से टीम अब तक सिर्फ दो रास्तों—टेरोंग-कोरोंग-मेबो रोड और JNC लोअर कैंपस से अपर कैंपस रोड को ही साफ कर यातायात के लिए खोल पाई है। लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।

​पासीघाट हाईवे डिवीजन ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

​प्रशासन और पासीघाट हाईवे डिवीजन ने आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक औपचारिक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है:

​NH-13 पर खतरा: नेशनल हाईवे-13 (NH-13) पर रेन्गिंग और येम्बुंग के बीच लगातार चट्टानें गिर रही हैं (रॉकफॉल) और जमीन धंस रही है।

​गैर-जरूरी यात्रा से बचें: नागरिक बहुत जरूरी न होने पर यात्रा करने से सख्त परहेज करें।

​रात का सफर बंद: यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो केवल दिन के उजाले में ही सफर करें।

​सावधानी बरतें: लैंडस्लाइड के प्रति संवेदनशील ढलानों, सक्रिय मलबे वाले क्षेत्रों और उफनती नदियों के किनारों से दूर रहें। एक्टिव लैंडस्लाइड जोन में भूलकर भी अपनी गाड़ियां पार्क न करें।

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