अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों के घरों पर छापे मारकर ज्वेलरी और कैश बरामद
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों के घरों पर छापे मारकर ज्वेलरी और कैश बरामद
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और गबन मामले में पुलिस प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान टिन्नू यादव के घर से पुलिस ने भारी मात्रा में ज्वेलरी, कैश (नकद) और संपत्ति के अहम कागजात बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके पर मौजूद आरोपियों के परिवारवालों के बयान भी दर्ज किए हैं।
लेखपाल को साथ लेकर पहुंची पुलिस, कई ठिकानों पर रेड
रविवार सुबह पुलिस की एक विशेष टीम राजस्व विभाग के लेखपाल को साथ लेकर आरोपी टिन्नू यादव के घर पहुंची और परिजनों से पूछताछ के बाद घर के भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया। इसके साथ ही अन्य पुलिस टीमों ने मामले के नामजद आरोपियों—रामशंकर मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के घरों पर भी एक साथ छापेमारी कर साक्ष्य जुटाए।
इस बड़ी कार्रवाई को लेकर क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष तिवारी ने कहा:
”मामले की जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस पूरे घोटाले और चोरी में जो भी आरोपी शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
रिमांड पर आज रात होगा फैसला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी में कई महत्वपूर्ण चीजें हाथ लगी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद की गई ज्वेलरी, कैश और प्रॉपर्टी के कागजातों का पूरा असेसमेंट (मूल्यांकन) किया जा रहा है। रविवार रात तक स्थिति साफ होने के बाद पुलिस यह तय करेगी कि सोमवार को अदालत से आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगी जाए या नहीं।
”भगवान और करोड़ों रामभक्तों के साथ छल किया” — पड़ोसी
इस बीच, राम मंदिर के चढ़ावे में हुई इस चोरी को लेकर स्थानीय लोगों और रामभक्तों में भारी आक्रोश है। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा:
”पुलिस की यह कार्रवाई बिल्कुल सही है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इन लोगों ने मंदिर के चढ़ावे में गबन करके साक्षात भगवान और दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ छल किया है। यह बेहद शर्मनाक कृत्य है, जिसके लिए इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता।”
वहीं, एक अन्य पड़ोसी अनुराग मिश्रा ने बताया कि अनुकल्प मिश्रा का व्यवहार सामान्य दिनों में काफी अच्छा था और उसने कुछ समय पहले घर पर बड़ा धार्मिक आयोजन भी कराया था। लेकिन, इस दान प्रकरण के सामने आने के बाद सब हैरान हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह जांच का विषय है और सच सामने आना ही चाहिए। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस छापेमारी को लेकर भारी सरगर्मी बनी हुई है।
