फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी को फिर मिली धमकी, ऑडियो क्लिप भेजकर मांगी ₹20 करोड़ की रंगदारी
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी को फिर मिली धमकी, ऑडियो क्लिप भेजकर मांगी ₹20 करोड़ की रंगदारी
मुंबई: बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि उन्हें मिली जान से मारने की धमकी है। रोहित शेट्टी से एक कथित ऑडियो क्लिप के जरिए 20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रंगदारी (फिरौती) मांगी गई है। इस धमकी भरे संदेश में कहा गया है कि अगर रकम नहीं दी गई, तो इस बार निशाना सीधे रोहित शेट्टी होंगे। घटना के सामने आते ही मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच तुरंत अलर्ट मोड में आ गई हैं और मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
’घर पर हुई फायरिंग सिर्फ ट्रेलर थी’— ऑडियो में मिली धमकी
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस कथित ऑडियो क्लिप में बेहद आक्रामक लहजे में बात की गई है। धमकी देने वाले ने कहा है कि रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर पहले जो फायरिंग की घटना हुई थी, वह सिर्फ एक ‘ट्रेलर’ था। अगर इस बार मांगी गई फिरौती की रकम नहीं चुकाई गई, तो गोली सीधे फिल्ममेकर को निशाना बनाएगी।
यह धमकी भरा ऑडियो क्लिप लगभग 90 सेकंड लंबा है, जो शनिवार सुबह रोहित शेट्टी के स्टाफ को मिला था। स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए बिना किसी देरी के इस क्लिप को पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद जुहू पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शुभम लोणकर से जुड़ी आवाज!
पुलिस की शुरुआती जांच में ऑडियो क्लिप में मौजूद आवाज की पहचान करने की कोशिश की गई, जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी सहयोगी शुभम लोणकर से मिलती-जुलती पाई गई है।
कौन है शुभम लोणकर?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर का नाम पहले भी कई हाई-प्रोफाइल और गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। वह साल 2024 में हुई राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और इसी साल (2026) रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में भी पुलिस का वांटेड अपराधी है।
हालांकि, मुंबई पुलिस ने अभी इस आवाज की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। वास्तविकता का पता लगाने के लिए इस क्लिप को फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेज दिया गया है।
क्राइम ब्रांच और मुंबई पुलिस अलर्ट पर
मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रोहित शेट्टी के स्टाफ द्वारा यह धमकी भरा ऑडियो पुलिस को सौंप दिया गया है और इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी तकनीकी पहलुओं और साइबर इनपुट पर काम कर रही है ताकि इस ऑडियो क्लिप के मूल स्रोत (सोर्स) का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आएगी, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां तेज कर दी जाएंगी।
