होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान के बीच भीषण जंग: अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का कुवैत-बहरीन में US ठिकानों पर मिसाइल हमला
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान के बीच भीषण जंग: अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का कुवैत-बहरीन में US ठिकानों पर मिसाइल हमला
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हुआ संघर्षविराम (सीजफायर) महज 10 दिनों के भीतर ही पूरी तरह टूट गया है। शनिवार देर रात अमेरिकी नौसेना (US Navy) और वायुसेना (US Air Force) के फाइटर जेट्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और उसके आसपास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के जवाब में बौखलाए ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से ताबड़तोड़ पलटवार किया है। खाड़ी क्षेत्र में दोनों महाशक्तियों के बीच इस सीधे टकराव से पश्चिम एशिया में एक बार फिर पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है।
अमेरिका ने ऑयल टैंकर ‘M/T Kiku’ पर हमले का लिया बदला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (U.S. Central Command – CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। CENTCOM के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक शनिवार सुबह कच्चे तेल से भरे पनामा-ध्वज वाले ऑयल टैंकर ‘M/T किकू’ (M/T Kiku) पर ईरान द्वारा किए गए आत्मघाती ड्रोन हमले का सीधा जवाब थी।
अमेरिकी विमानों ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के उन 10 ठिकानों को निशाना बनाया जहां मिसाइल, ड्रोन, तटीय रडार साइटें, निगरानी बुनियादी ढांचे और संचार प्रणालियां मौजूद थीं।
’ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा’ — डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए लिखा:
”अमेरिकी विमानों ने सीजफायर समझौते का बार-बार उल्लंघन करने के कारण ईरान के मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज और तटीय रडार साइटों पर सटीक हमला किया है। बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे! एक वक्त ऐसा आ सकता है जब हम और अधिक समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को सैन्य शक्ति (मिलिट्री) के जरिए पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत कामयाबी से शुरू किया था। अगर ऐसा हुआ, तो ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान’ का अस्तित्व ही हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा!”
ईरान का पलटवार: कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने भी बिना देर किए खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमला बोल दिया।
कुवैत में हमला: ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सेना के ‘अली अल सलेम एयरबेस’ (Al Asad/Ali Al Salem) को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे।
बहरीन में हमला: बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के ‘पांचवें बेड़े’ (U.S. Navy’s 5th Fleet) के बेस पर भी ईरान ने कई ड्रोन हमले किए।
ईरान ने अमेरिका को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि वॉशिंगटन द्वारा युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करना जारी रहा, तो चल रही शांति वार्ता (Peace Deal) पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
कुवैत अलर्ट मोड पर, एयर डिफेंस सिस्टम किया एक्टिव
ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के आने के बाद कुवैत में हड़कंप मच गया है और देश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुवैती सेना ने बयान जारी कर बताया कि देश को बाहरी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते देश की संप्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘एयर डिफेंस सिस्टम’ (विमान भेदी प्रणाली) को तुरंत एक्टिव कर दिया गया है। बहरीन में भी हमलों के बाद एयर-रेड सायरन बजने की खबरें हैं।
