उद्धव गुट के 6 सांसदों के पाला बदलने पर संजय देशमुख की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ‘विकास के लिए कानून के दायरे में लिया सामूहिक फैसला’
उद्धव गुट के 6 सांसदों के पाला बदलने पर संजय देशमुख की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ‘विकास के लिए कानून के दायरे में लिया सामूहिक फैसला’
मुंबई/यवतमाल। महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जरिए शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका देने के बाद, एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने पाला बदलने की वजह साफ की और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा उठाए गए सवालों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
’विकास कार्यों के लिए फंड की कमी थी वजह’ — संजय देशमुख
संजय देशमुख ने पार्टी छोड़ने के फैसले को पूरी तरह सामूहिक और जनता के हित में बताया। उन्होंने कहा, “हमें आम जनता ने चुनकर भेजा है। क्षेत्र के विकास कार्यों के दौरान लगातार धन (फंड) की कमी का सवाल उठ रहा था, इसीलिए सभी सांसदों ने एक साथ बैठकर यह सामूहिक निर्णय लिया। पार्टी छोड़ने वाला मैं अकेला नहीं हूं, मेरे साथ 6 सांसदों ने मिलकर यह कदम उठाया है।”
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा सांसद विकास निधि को लेकर उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि अंजलि दमानिया को जमीनी स्तर पर काम होने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। काम के लिए पहले अनुमान लगाना पड़ता है, उसे पोर्टल पर अपलोड करना पड़ता है और कभी-कभी पोर्टल बंद भी हो जाता है। क्षेत्र में कई विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं।”
’उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी नहीं करूंगा, फैसला पूरी तरह संवैधानिक’
उद्धव ठाकरे के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर संयम बरतते हुए देशमुख ने कहा, “मैं उद्धव जी के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। वे हमारे निर्वाचन क्षेत्र में आएंगे, लोगों से मिलेंगे और अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे, और हम जनता के सामने अपनी भूमिका रखेंगे। हम लोगों को खुद बताएंगे कि हमें यह कदम क्यों उठाना पड़ा।” उन्होंने यह भी साफ किया कि सभी 6 सांसदों ने यह पहल पूरी तरह कानून और संविधान के दायरे में रहकर की है।
क्षेत्र की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि यवतमाल जिला किसान आत्महत्याओं के लिए जाना जाता है और वाशिम एक आकांक्षी (एस्पिरेशनल) जिला है। उन्होंने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, “अब जब हमने (शिंदे गुट को) समर्थन दिया है, तो वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ रेलवे परियोजना को पूरा करना और शकुंतला ब्रॉड गेज रेलवे के काम को गति देना हमारा कर्तव्य है।”
क्या है पूरा मामला? (शिवसेना UBT में बड़ी फूट)
बीते सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम दिया, जिसके तहत उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल हो गए। इस दलबदल के बाद महाराष्ट्र की सियासत में नया भूचाल आ गया है।
शिंदे गुट में शामिल होने वाले 6 बागी सांसदों के नाम:
संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम)
ओमप्रकाश भूपालसिंह उर्फ ओमराजे निंबालकर (धाराशिव/उस्मानाबाद)
नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर (हिंगोली)
संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी)
भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी)
संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व)
