‘हम किसी की बी-टीम नहीं, जनता की टीम हैं’: विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का डीएमके पर पलटवार
‘हम किसी की बी-टीम नहीं, जनता की टीम हैं’: विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का डीएमके पर पलटवार
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को विधानसभा में विपक्षी दल डीएमके पर तीखा पलटवार किया। राज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उनकी सरकार को किसी राजनीतिक दल की ‘बी-टीम’ बताया जा रहा था। सीएम ने स्पष्ट किया कि उनके प्रशासन को ताकत सिर्फ जनता के जनादेश से मिलती है।
विधानसभा सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, सामाजिक न्याय और शासन के मुद्दों पर अपनी सरकार के कामकाज का पुरजोर बचाव किया और पिछली डीएमके सरकार पर कई अनसुलझी चुनौतियां छोड़ने का आरोप लगाया।
नशीले पदार्थों के मुद्दे पर घेरा
विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अच्छे सुझावों का स्वागत करती है। हालांकि, उन्होंने नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों से निपटने में डीएमके के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। विजय ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में ड्रग्स की समस्या बढ़ी थी, जिसे रोकने और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए उनकी सरकार अब कड़े कदम उठा रही है।
छोटे भाषण से राजनीतिक हलचल
विपक्ष के उन नेताओं पर निशाना साधते हुए जो उनसे विधानसभा में अधिक बोलने की मांग कर रहे थे, विजय ने तंज कसा कि उनके एक छोटे से भाषण ने ही राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। उनका यह इशारा परोक्ष रूप से डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की तरफ था।
नीट और एनईपी पर विरोध बरकरार
केंद्र-राज्य संबंधों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएगी। केंद्र के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की बात कहते हुए भी उन्होंने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (नीट) और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) पर अपनी सरकार के विरोध को दोहराया। उन्होंने मांग की कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही होना चाहिए।
सामाजिक न्याय और कैबिनेट गठन का बचाव
अपनी कैबिनेट के गठन का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि इसमें महिलाओं और अनुसूचित जातियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी सरकार डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चल रही है, जबकि उन्होंने इस मुद्दे पर डीएमके की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।
वामपंथी दलों का समर्थन और ‘कुट्टी स्टोरी’
टीवीके सरकार के अन्य दलों के भरोसे टिके होने के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने साफ किया कि सीपीआई और सीपीआई-एम जैसी वामपंथी पार्टियों ने अपनी मर्जी से सरकार को समर्थन दिया है। उन्होंने घोषणा की, “हम किसी की ‘बी-टीम’ नहीं हैं। हम जनता की टीम हैं।”
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार या जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं करेगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने एक ‘कुट्टी स्टोरी’ (छोटी कहानी) सुनाते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया कि जो लोग समस्याएं पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें दूसरों को शासन व्यवस्था पर उपदेश नहीं देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से भारी हंगामा देखने को मिला।
