यूपी की राजनीति में बड़ा भूचाल: “पूरी सपा भाजपा में शामिल होने को तैयार, अमित शाह को सौंपी गई चिट्ठी”– ओमप्रकाश राजभर का दावा
यूपी की राजनीति में बड़ा भूचाल: “पूरी सपा भाजपा में शामिल होने को तैयार, अमित शाह को सौंपी गई चिट्ठी”– ओमप्रकाश राजभर का दावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने राज्य की सियासत में एक बहुत बड़ा दावा करके हड़कंप मचा दिया है। राजभर का कहना है कि समाजवादी पार्टी (सपा) में बहुत जल्द एक ऐतिहासिक बिखराव होने जा रहा है, जो महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक टूट से भी कहीं ज्यादा बड़ा होगा। राजभर ने दावा किया कि खुद सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें एक गुप्त चिट्ठी और सांसदों की सूची सौंपी है।
इस बड़े राजनीतिक दावे पर पलटवार करते हुए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने राजभर का नाम लिए बिना उन पर ‘जिसका दाना, उसका गाना’ कहकर तीखा तंज कसा है।
”रामगोपाल यादव ने अमित शाह को सौंपी सूची, मैंने खुद देखी मुस्कुराहट”
अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “राजभर जो बोलता है, सीना ठोककर बोलता है। उत्तर प्रदेश में 100 फीसदी समाजवादी पार्टी टूटने जा रही है। समूची सपा इस वक्त भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है।”
राजभर ने आगे दावा किया कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने अंदरखाने एक रणनीति बनाई है ताकि उनके परिवार की जान और राजनीति बची रहे। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को जो चिट्ठी सौंपी है, उसमें लिखा है कि ‘हम बचे रहें, हम तैयार हैं और ये हमारे सांसद-नेता आपके साथ आने को राजी हैं।’ राजभर ने कहा, “मैंने अमित शाह और रामगोपाल यादव दोनों की मुलाकात के वक्त की मुस्कुराहट देखी है। जहां दो दिलों की मुलाकात हो, वहां भले जुबान चुप रहे लेकिन बात हो जाती है। अगर मैं अभी ही बागियों के नाम बता दूंगा तो पूरा काम बेकार हो जाएगा, इसलिए थोड़े दिन इंतजार करिए।”
जांच एजेंसियों के डर से भाग रहे हैं नेता: सुभासपा अध्यक्ष
सपा पर हमला जारी रखते हुए राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का असली मास्टरमाइंड कौन है। अब जब जांच का शिकंजा कस रहा है, तो पूरी सपा परेशान है। उन्होंने देश के अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा, “आज क्यों शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों के टूटने के कयास लग रहे हैं? क्यों बंगाल में टीएमसी के 20 सांसद बगावत पर उतर आए हैं? सबको मालूम है कि जो चोरी की है, उसकी सीबीआई और ईडी जांच चल रही है। नेताओं को पता है कि आगे राजनीति सुरक्षित रखनी है तो भाजपा में ही रहना होगा।” राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि यादव समाज के नेता दलितों और पिछड़ों के साथ हमेशा अन्याय करते आए हैं।
’जिसका दाना, उसका गाना’ : अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
ओमप्रकाश राजभर के इन सनसनीखेज दावों पर समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तुरंत और कड़ा रुख अपनाया। राजभर का नाम लिए बगैर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए तंज कसते हुए कहा कि “जिसका दाना, उसका गाना।”
अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ नेताओं की अपनी कोई विचारधारा नहीं होती; वे जिस भी सरकार में शामिल रहते हैं, उसी के सुर में सुर मिलाने लगते हैं और अपने आकाओं को खुश करने के लिए इस तरह की मनगढ़ंत और बेबुनियाद बयानबाजी करते हैं।
यूपी में राज्यसभा और आगामी सांगठनिक फेरबदल से ठीक पहले आए राजभर के इस बयान ने राज्य के सियासी तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, और अब देखना यह होगा कि इस जुबानी जंग के पीछे छिपी कूटनीति क्या मोड़ लेती है।
