बीजिंग में भारत-चीन सीमा वार्ता रचनात्मक रही, अगले सप्ताह भारत आएगा अमेरिकी दल; विदेश मंत्रालय (MEA) का बड़ा बयान
बीजिंग में भारत-चीन सीमा वार्ता रचनात्मक रही, अगले सप्ताह भारत आएगा अमेरिकी दल; विदेश मंत्रालय (MEA) का बड़ा बयान
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से ‘भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र’ (WMCC) की 35वीं बैठक चीन की राजधानी बीजिंग में संपन्न हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस बैठक को बेहद सकारात्मक और रचनात्मक बताया। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ता, म्यांमार के राष्ट्रपति के भारत दौरे, अफ्रीका को चिकित्सा सहायता और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के निर्वासन (Deportation) जैसे कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया।
1. भारत-चीन WMCC बैठक: “चर्चा रचनात्मक रही, एक कदम आगे बढ़े”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बीजिंग में हुई इस बैठक की अध्यक्षता भारतीय पक्ष की ओर से संयुक्त सचिव (Joint Secretary) स्तर के अधिकारी ने की।
मुख्य मुद्दे: दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर परिसीमन (Delimitation), सीमा प्रबंधन, नए तंत्र निर्माण और सीमा सहयोग से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सीमा पार नदियां: भारत ने चीन से आने वाली सीमा पार नदियों (जैसे ब्रह्मपुत्र) को लेकर विशेषज्ञ स्तर की अगली बैठक जल्द बुलाने पर जोर दिया है। दोनों पक्ष पूर्व में हुए समझौतों को आगे बढ़ाने और चीन में होने वाली अगली ठोस वार्ता की तैयारी के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।
2. म्यांमार के राष्ट्रपति का 30 मई से आधिकारिक भारत दौरा
रणधीर जायसवाल ने म्यांमार के राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा का पूरा शेड्यूल साझा किया:
दौरे की अवधि: म्यांमार के राष्ट्रपति 30 मई से 2 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।
रूट और बैठकें: वे मुख्य रूप से नई दिल्ली में रहेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय, सभ्यतागत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, व्यापारिक बैठकों के सिलसिले में वे बोधगया और मुंबई का भी दौरा करेंगे।
एजेंडा: इस दौरे में दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी (संपर्क) और आर्थिक-व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने जैसे सभी महत्वपूर्ण आयामों पर बात होगी।
3. भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और कश्मीर मुद्दा
अमेरिकी डेलिगेशन का दौरा: प्रवक्ता ने बताया कि अप्रैल महीने में अमेरिका से एक व्यापारिक दल भारत आया था। अब बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए अगले सप्ताह अमेरिका से एक और उच्च स्तरीय दल भारत आ रहा है। अब तक की बातचीत काफी सकारात्मक रही है।
कश्मीर मुद्दा: हाल ही में कश्मीर को लेकर आए कुछ अंतरराष्ट्रीय बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार ने इस मामले पर अपना कड़ा और आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए पहले ही एक विस्तृत बयान जारी कर दिया है (कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है)।
4. अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का मुद्दा: 2,680 से अधिक मामले लंबित
भारत में रह रहे अवैध प्रवासियों को लेकर विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अख्तियार किया है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि देश में रह रहे सभी अवैध नागरिकों के साथ कानून के अनुसार ही निपटा जाएगा।
सत्यापन में देरी: भारत सरकार ने अब तक 2,680 या उससे ज्यादा संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की सूची बांग्लादेश सरकार को भेजी है ताकि वे उनकी नागरिकता की पुष्टि (Verification) कर सकें।
5 साल से पेंडिंग: प्रवक्ता ने चिंता जताते हुए कहा कि कई मामलों में यह नागरिकता सत्यापन पिछले 5 साल या उससे भी अधिक समय से बांग्लादेश की तरफ से लंबित है। भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश से जल्द जवाब मिलेगा ताकि द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत इन्हें वापस डिपोर्ट (निर्वासित) किया जा सके।
5. अफ्रीका को मेडिकल हेल्प और फारस की खाड़ी में भारतीय जहाज
अफ्रीका की मदद: अफ्रीका महाद्वीप में उत्पन्न जन स्वास्थ्य आपातकाल (Public Health Emergency) से निपटने के लिए भारत ने अफ्रीका सीडीसी (CDC) को चिकित्सा सामग्री की पहली खेप भेजी है। युगांडा में मौजूद भारतीय उच्चायुक्त ने इसे वहां के सीडीसी कार्यालय को सौंप दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: मिडिल ईस्ट (ईरान संकट) के बीच भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर अपडेट देते हुए MEA प्रवक्ता ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 11 भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं। वहीं, 14 अन्य भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खतरे वाले क्षेत्र को सुरक्षित पार करके भारत वापस लौट चुके हैं।
