राजनीति

हर अवैध व्यक्ति की पहचान कर देश से बाहर निकालेंगे: गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान, घुसपैठ के खिलाफ जंग होगी और तेज

हर अवैध व्यक्ति की पहचान कर देश से बाहर निकालेंगे: गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान, घुसपैठ के खिलाफ जंग होगी और तेज

​नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक कार्यक्रम में घुसपैठ को लेकर केंद्र सरकार के कड़े और स्पष्ट इरादों को सामने रखा है। गृह मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि केंद्र सरकार ने न केवल देश में घुसपैठ को पूरी तरह रोकने का, बल्कि हर एक अवैध व्यक्ति की पहचान करने और उन्हें देश से बाहर निकालने का भी कड़ा संकल्प लिया है।

​बीएसएफ के संस्थापक और देश के पहले बॉर्डर गार्ड की याद में आयोजित ‘के.एफ. रुस्तमजी व्याख्यान’ को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार देश और विशेषकर सीमावर्ती राज्यों की जनसांख्यिकी (Demography) में किसी भी तरह के कृत्रिम या अवैध बदलाव की अनुमति कतई नहीं देगी।

​जनसांख्यिकी में बदलाव एक बड़ी साजिश, BSF को करना होगा नाकाम

​गृह मंत्री ने सीमा पार से होने वाले जनसांख्यिकी बदलाव के प्रयासों को एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “बीएसएफ को इस साजिश को नाकाम करना होगा। आज मैं यह संतोष के साथ कह सकता हूं कि त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में ऐसी सरकारें हैं जो इस सिद्धांत का समर्थन करती हैं कि सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं होनी चाहिए।”

​घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए उन्होंने बीएसएफ को स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बल को घुसपैठियों, घुसपैठ के रास्तों और मवेशी तस्करी के रूट्स का पता लगाने के लिए गांव के पटवारी, स्थानीय पुलिस स्टेशन, जिला कलेक्टर (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ संवाद के मजबूत पुल बनाने चाहिए।

​तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ जल्द होगी बड़ी बैठक

​अमित शाह ने घोषणा की कि घुसपैठ के खिलाफ लड़ाई को जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत करने के लिए बहुत जल्द गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में तीन प्रमुख सीमावर्ती राज्यों— त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल —के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद किया जा सके।

​माओवाद (नक्सलवाद) के खात्मे की सफलता का उदाहरण देते हुए गृह मंत्री ने जवानों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, “अब वह समय आ गया है जब घुसपैठ को भी पूरी तरह खत्म कर दिया जाना चाहिए। जब हमने माओवाद को खत्म करने का फैसला किया था, तो कई अधिकारियों ने हमें आगाह किया था, लेकिन हमारे बहादुर जवानों ने उस कठिन कार्य को पूरा कर दिखाया। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे जवान घुसपैठ को भी जड़ से खत्म कर देंगे।”

​अधिकार क्षेत्र 15 से बढ़ाकर 50 किमी किया, बंगाल सरकार ने सौंपी जमीन

​अमित शाह ने सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि घुसपैठियों और तस्करों पर त्वरित कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार ने सीमा पर बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक कर दिया है। इसके तहत अब बीएसएफ को इस दायरे में तलाशी अभियान चलाने और संदिग्धों को गिरफ्तार करने की कानूनी शक्ति मिली है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सकारात्मक जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल सरकार ने भी अब सीमा पर बाड़ (Fencing) लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपना शुरू कर दिया है।

​BSF देश की ‘रक्षा की पहली पंक्ति’: 43 जवान सम्मानित

​इस कार्यक्रम के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) का अलंकरण समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें गृह मंत्री ने बल के 43 जांबाज जवानों को उनकी उत्कृष्ट सेवा और वीरता के लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया।

​अमित शाह ने बीएसएफ के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि 1965 से लेकर 2025 तक का बल का सफर यह दिखाता है कि कैसे सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ यह संगठन आज दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सीमा सुरक्षा बल बन चुका है। उन्होंने कहा कि चाहे रेगिस्तान का 45 डिग्री से ज्यादा का तापमान हो, हाड़ कंपाने वाली ठंड हो, घने जंगल हों या दलदली तटीय इलाके— बीएसएफ के जवानों ने हर विपरीत परिस्थिति में अद्वितीय देशभक्ति दिखाई है, जिसके कारण उन्हें देश की ‘रक्षा की पहली पंक्ति’ होने का गौरव प्राप्त है। इसी क्षमता के कारण उन्हें देश की दो सबसे चुनौतीपूर्ण सीमाओं (पाकिस्तान और बांग्लादेश) की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है।

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