उत्तराखंड

बागेश्वर में बनेगा ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह; पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम, 17.52 करोड़ की योजना पर लगी मुहर

बागेश्वर में बनेगा ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह; पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम, 17.52 करोड़ की योजना पर लगी मुहर

​देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के दूरस्थ जनपदों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले को जल्द ही एक अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह (State Guest House) की सौगात मिलने जा रही है।

​राज्य सम्पत्ति विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक जरूरतों के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का निर्णय लिया है। मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में बागेश्वर के ग्राम टेलापालन (तहसील बागेश्वर) में स्थित 45 नाली भूमि पर प्रस्तावित इस राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर विस्तार से चर्चा की गई।

​17.52 करोड़ की लागत से निखरेगी पहाड़ी स्थापत्य कला

​इस पूरी परियोजना पर लगभग 17.52 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि इस परिसर को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जाए।

​स्थानीय संस्कृति की झलक: भवन का स्वरूप ऐसा तैयार किया जा रहा है जो पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रतिबिंबित करे।

​पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन: कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए गए हैं कि भवन का डिजाइन आकर्षक, पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) तथा स्थानीय स्थापत्य कला पर आधारित हो।

​योजना में बदलाव: सचिव ने दूसरे तल पर प्रस्तावित कमरों में आवश्यक बदलाव कर योजना को और अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए हैं।

​एकीकृत भवन मॉडल (Integrated Building Model) पर विशेष जोर

​परियोजना की समीक्षा के दौरान यह महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया गया कि परिसर में अलग-अलग भवनों के निर्माण के बजाय सभी व्यवस्थाएं एक ही छत के नीचे होंगी:

​एक ही एकीकृत भवन में सभी श्रेणी के अतिथि कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

​इससे निर्माण लागत में संतुलन रहेगा और भविष्य में इसका रखरखाव (Maintenance) करना काफी आसान होगा।

​सचिव ने विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करने तथा संशोधित एस्टीमेट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए।

​प्रशासन, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई गति

​विशेषज्ञों का मानना है कि बागेश्वर में इस अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह के निर्माण से बहुआयामी लाभ होंगे:

​जिले में होने वाली प्रशासनिक गतिविधियों और सरकारी बैठकों को नई गति मिलेगी।

​यहां आने वाले विशिष्ट अतिथियों, वीआईपी अधिकारियों और पर्यटकों को विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।

​इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

​”अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना हमारा संकल्प” — डॉ. आर. राजेश कुमार

​बैठक के बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सरकार के विजन को साझा करते हुए कहा:

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह दूरदर्शी सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित जनपदों तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। बागेश्वर का यह प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय वास्तुकला और गुणवत्तापूर्ण निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

​हमारा प्रयास है कि यह परिसर केवल मेहमानों के ठहरने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों और क्षेत्रीय विकास गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरे। गुणवत्ता, मितव्ययता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि बागेश्वर को एक ऐसी आधुनिक सौगात मिल सके जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व हो।

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