मिडिल ईस्ट में नया उबाल: ईरान की संसद में गूंजा ‘बदला’; ट्रंप और नेतन्याहू पर 5.8 करोड़ डॉलर का इनाम रखने वाले विधेयक की तैयारी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब बेहद संवेदनशील और खतरनाक दौर में पहुंच गया है। एक तरफ जहां पर्दे के पीछे शांति समझौतों और बैक-चैनल डिप्लोमेसी (राजनयिक बातचीत) की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरानी संसद से आई एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।
मिडिल ईस्ट में नया उबाल: ईरान की संसद में गूंजा ‘बदला’; ट्रंप और नेतन्याहू पर 5.8 करोड़ डॉलर का इनाम रखने वाले विधेयक की तैयारी
तेहरान/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजनयिक सूत्रों और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स (द टेलीग्राफ यूके और ईरान वायर) के मुताबिक, ईरान की संसद अब अमेरिका और इजरायल के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और अभूतपूर्व कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है। इस योजना के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को 5 करोड़ यूरो (लगभग 5 करोड़ 82 लाख डॉलर या 5.8 करोड़ डॉलर) का भारी-भरकम इनाम देने का कानूनी प्रावधान किया जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी देशों के अनुरोध पर ईरान पर होने वाले एक बड़े हमले को आखिरी वक्त पर टाला है।
क्या है यह ईरानी विधेयक और किसने की घोषणा?
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने सरकारी मीडिया के सामने इस बात की पुष्टि की है कि संसद में एक नया कानून (विधेयक) लाया जा रहा है।
विधेयक का नाम: इस कानून का मसौदा “इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई” (Counter-Action by the Military and Security Forces) नाम से तैयार किया जा रहा है।
इनाम का प्रावधान: इस बिल के कानूनी दायरे में यह तय किया जा रहा है कि यदि कोई भी प्राकृतिक या कानूनी इकाई (व्यक्ति या संगठन) इस ‘मिशन’ को अंजाम देती है, तो ईरान सरकार कानूनी तौर पर उसे 5 करोड़ यूरो देने के लिए बाध्य होगी।
हमले और सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने की कोशिश
अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि ईरान का यह कदम पूरी तरह से प्रतिशोध (Revenge) की भावना से प्रेरित है।
हमले का संदर्भ: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी संसद इस प्रस्ताव पर बहुत जल्द वोटिंग कर सकती है। इसे तेहरान पर हुए उन हवाई हमलों के सीधे जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी और समिति के एक अन्य प्रमुख सदस्य महमूद नबावियन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि:
डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति)
बेंजामिन नेतन्याहू (इजरायली प्रधानमंत्री)
एडमिरल ब्रैड कूपर (अमेरिकी सेंट्रल कमांड – CENTCOM के कमांडर)
इन तीनों को पूर्व सर्वोच्च नेता की हत्या की साजिश और उसमें शामिल भूमिका के लिए सीधे तौर पर “जवाबी कार्रवाई” का निशाना बनाया जाना चाहिए।
सरकार समर्थक समूहों और हैकर्स का भी मिला समर्थन
संसद में आधिकारिक बिल आने से पहले ही ईरान के भीतर कई स्तरों पर इस तरह के अभियान शुरू हो चुके थे:
’किल ट्रंप’ अभियान: सरकार समर्थक मीडिया आउटलेट “मसाफ” (Masaf) ने दावा किया था कि इस अभियान के लिए पहले ही 5 करोड़ डॉलर के फंड की व्यवस्था कर ली गई है, जिसे ‘ब्लड कोवेनेंट’ या जन-अभियानों के जरिए जुटाया जा रहा है।
’हंदाला’ हैकर ग्रुप का दावा: ईरान समर्थित प्रसिद्ध साइबर युद्ध समूह ‘हंदाला’ ने भी हाल ही में बयान जारी कर कहा था कि उसने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अपने सदस्यों पर रखे गए इनाम के जवाब में, ट्रंप और नेतन्याहू को रास्ते से हटाने के लिए $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) सुरक्षित रखे हैं।
शांति वार्ता बनाम युद्ध के दोहरे संकेत
इस पूरी स्थिति ने वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों को बड़ी चिंता में डाल दिया है। ईरान का यह रुख ‘डबल सिग्नलिंग’ (दोहरे संकेत) जैसा है। एक तरफ ईरान पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए वाशिंगटन को 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजकर तनाव कम करने और प्रतिबंध हटवाने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसकी संसद खुलेआम महाशक्तियों के राष्ट्रप्रमुखों की हत्या पर आधिकारिक इनाम घोषित करने जा रही है।
अतीत में डोनाल्ड ट्रंप यह साफ चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान ने उनकी या किसी अमेरिकी अधिकारी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान को “धरती के नक्शे से मिटा देगा।” ऐसे में इस विधेयक के आने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव किसी भी समय विस्फोटक रूप ले सकता है।
Iran Prepares $58 Million Bounty To Kill Trump, Netanyahu
यह वीडियो मिडिल ईस्ट के वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य और ईरानी संसद द्वारा डोनाल्ड ट्रंप तथा इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ लाए जा रहे इस बेहद विवादित इनाम वाले विधेयक के भू-राजनीतिक (Geopolitical) प्रभावों को गहराई से समझने में मदद करता है।
