बंगाल में शुभेंदु ने लगाई ‘कट मनी प्रथा’ पर लगाम, जानें आखिर क्या है ये?
बंगाल में शुभेंदु ने लगाई ‘कट मनी प्रथा’ पर लगाम, जानें आखिर क्या है ये?
कोलकाता, 19 मई 2026: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेटों (DMs) को सख्त निर्देश जारी करते हुए ‘कट मनी प्रथा’ पर पूरी तरह लगाम लगाने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि बिना ठोस डिजिटल सबूत (जैसे पेटीएम, बैंक ट्रांजेक्शन) के किसी पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन प्रथा पूरी तरह खत्म की जाएगी।
क्या है ‘कट मनी प्रथा’?
‘कट मनी’ पश्चिम बंगाल में पिछले कई वर्षों से चली आ रही एक व्यवस्थित भ्रष्टाचार की प्रथा है। सरकारी योजनाओं (जैसे MGNREGA, PMAY, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोड-ब्रिज निर्माण आदि) के फंड में से स्थानीय TMC नेताओं, कार्यकर्ताओं और बिचौलियों द्वारा एक निश्चित प्रतिशत (कट) वसूला जाता था।
अगर केंद्र या राज्य सरकार किसी प्रोजेक्ट के लिए ₹100 भेजती, तो उसमें से 20-30% या उससे ज्यादा राशि ‘कट मनी’ के रूप में वसूली जाती थी।
आम नागरिकों को भी सरकारी काम (जॉब, पेंशन, घर बनाने का पैसा आदि) कराने के लिए यह रिश्वत देनी पड़ती थी।
इसे ‘टोलबाजी’ और ‘सिंडिकेट राज’ से भी जोड़ा जाता था, जहां स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण में वसूली का नेटवर्क चलता था।
यह प्रथा तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन के दौरान खासतौर पर चर्चा में रही और विपक्ष (BJP) ने इसे अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया था।
शुभेंदु का सख्त रुख
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अगर कोई कट मनी मांगने आए तो सीधे पुलिस में शिकायत करें। बिना सबूत के कोई गिरफ्तारी नहीं होगी, लेकिन यह प्रथा बंगाल से पूरी तरह खत्म होगी।” उन्होंने DMs को निर्देश दिया कि सभी सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और मध्यस्थों को हटाया जाए।
यह कदम BJP के चुनावी वादे “भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल” को पूरा करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रतिक्रियाएं
BJP कार्यकर्ता और आम लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। कई जगहों पर पहले ही कट मनी की वसूली रुकने की खबरें आ रही हैं।
TMC ने इसे “नाटक” बताया है और दावा किया कि शुभेंदु खुद पुरानी व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं।
विपक्षी नेता कह रहे हैं कि अगर सच में कट मनी खत्म हुई तो यह बंगाल के लिए सकारात्मक बदलाव होगा।
शुभेंदु अधिकारी के इस एक्शन से बंगाल में नए शासन की शुरुआत साफ नजर आ रही है। आने वाले दिनों में इस दिशा में और कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
