कनाडा PR में बड़ा फेरबदल: ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों वालों को मिलेगा फायदा, नियमों में बदलाव की तैयारी
कनाडा PR में बड़ा फेरबदल: ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों वालों को मिलेगा फायदा, नियमों में बदलाव की तैयारी
कनाडा जाने और वहां स्थायी निवासी (Permanent Residency – PR) बनने की इच्छा रखने वाले कुशल पेशेवरों (Skilled Workers) के लिए एक बड़ी खबर है। कनाडाई सरकार अपने फ्लैगशिप ‘एक्सप्रेस एंट्री’ (Express Entry) सिस्टम में एक अभूतपूर्व बदलाव करने की तैयारी कर रही है। नए प्रस्तावों के तहत, अब उन उम्मीदवारों को पीआर मिलना बहुत आसान हो जाएगा जो कनाडा में हाई-वेज़ ऑक्यूपेशन (High-Wage Occupations) यानी मोटी सैलरी वाले व्यवसायों से जुड़े हैं।
कनाडा के आव्रजन विभाग (IRCC) द्वारा तैयार किए गए इस नए प्लान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को आकर्षित करना है, जो कनाडाई अर्थव्यवस्था में तुरंत और बड़ा योगदान दे सकते हैं।
क्या है नया ‘हाई-वेज़ ऑक्यूपेशन फैक्टर’?
कनाडा सरकार कॉम्प्रिहेंसिव रैंकिंग सिस्टम (CRS) में एक नया ‘हाई-वेज़ ऑक्यूपेशन फैक्टर’ जोड़ने पर विचार कर रही है। इसके तहत एक्सप्रेस एंट्री पूल में मौजूद उन उम्मीदवारों को भारी-भरकम अतिरिक्त पॉइंट्स (Extra CRS Points) दिए जाएंगे, जिनके पास कनाडा की औसत सैलरी (Median Wage) से अधिक भुगतान वाले जॉब ऑफर या काम का अनुभव है।
इस व्यवस्था को तीन मुख्य स्तरों (Tiers) में बांटने का प्रस्ताव है:
2 गुना ज्यादा सैलरी (2x National Median Wage): इसमें देश की औसत कमाई से दोगुना कमाने वाले पेशेवरों को रखा जाएगा, जैसे- मेडिकल डॉक्टर्स, सर्जन्स और प्रोफेसर्स।
1.5 गुना ज्यादा सैलरी (1.5x National Median Wage): इस श्रेणी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, साइंस मैनेजर्स, सीनियर पॉलिसी डेवलपर्स और स्कूल प्रिंसिपल्स जैसे पद आएंगे।
1.3 गुना ज्यादा सैलरी (1.3x National Median Wage): इसमें डेटा और साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स, फाइनेंस एनालिस्ट और कुछ विशेष कुशल ट्रेड्स (जैसे इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर्स) के लोग शामिल होंगे।
व्यक्तिगत सैलरी नहीं, ‘पेशा’ तय करेगा पॉइंट्स
इस बदलाव की सबसे खास बात यह है कि आव्रजन विभाग आपकी व्यक्तिगत सैलरी की स्लिप नहीं देखेगा। पॉइंट्स इस आधार पर मिलेंगे कि आपका व्यवसाय (NOC Code) कनाडा के ‘जॉब बैंक’ डेटा के अनुसार हाई-वेज़ कैटेगरी में आता है या नहीं। इससे देश के अलग-अलग राज्यों (प्रोविंस) और जेंडर के आधार पर होने वाले सैलरी के अंतर का पीआर प्रोसेस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
आखिर क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
कनाडाई सरकार (IRCC) द्वारा हाल ही में साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जो अप्रवासी कनाडा आने से पहले ही अच्छी सैलरी वाले पदों पर होते हैं, उनके कनाडा आने के बाद भी आर्थिक रूप से सफल होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।
एक स्टडी में सामने आया कि जो लोग सीनियर मैनेजमेंट या हाई-पेड जॉब ऑफर के साथ कनाडा पहुंचे, उनकी साप्ताहिक कमाई बिना जॉब ऑफर वाले प्रवासियों की तुलना में तीन गुना तक अधिक थी। इसी मजबूत आर्थिक प्रगति को देखते हुए सरकार अब “कम्युनिटी और इकोनॉमिक आउटकम” को प्राथमिकता दे रही है।
अन्य प्रमुख बदलाव जो तैयारी में हैं
कम सैलरी वाले प्रोफेशन्स: जो उम्मीदवार इस हाई-वेज़ थ्रेशोल्ड से नीचे हैं, वे भी एक्सप्रेस एंट्री के लिए पात्र रहेंगे। उन्हें उनकी उम्र, पढ़ाई और भाषा (IELTS/CELPIP) के आधार पर सामान्य रूप से अंक मिलते रहेंगे।
पढ़ाई के पॉइंट्स में कटौती: कनाडा की यूनिवर्सिटी या कॉलेजों से छोटी अवधि के कोर्स या लोअर-लेवल की पढ़ाई करने वालों के पॉइंट्स कम किए जा सकते हैं। अब केवल हायर एजुकेशन (जैसे मास्टर या पीएचडी) को ज्यादा तवज्जो देने का प्रस्ताव है।
फ्रेंच भाषा को प्राथमिकता: फ्रेंच बोलने वाले कुशल कामगारों के लिए विशेष कोटा और प्राथमिकता जारी रहेगी।
कब तक लागू होंगे नए नियम?
आव्रजन विभाग (IRCC) इस पूरे एक्सप्रेस एंट्री ओवरहॉल को लेकर सार्वजनिक और कानूनी विशेषज्ञों से सुझाव ले रहा है। माना जा रहा है कि पूरे सिस्टम को पूरी तरह बदलने में 12 से 18 महीने का समय लग सकता है, लेकिन ‘हाई-वेज़ ऑक्यूपेशन फैक्टर’ से जुड़े कुछ जरूरी बदलावों को मिनिस्टीरियल इंस्ट्रक्शंस के जरिए बहुत जल्द ही लागू किया जा सकता है। ऐसे में कनाडाई पीआर की रेस में अब हाई-स्किल्ड और हाई-सैलरी वाले प्रोफेशनल्स सबसे आगे निकलने वाले हैं।
