Thursday, September 10, 2026
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नौतपा 2026: 25 मई से शुरू होगा भीषण गर्मी का सितम, जानिए क्यों बढ़ते हैं इन 9 दिनों में तेवर

नौतपा 2026: 25 मई से शुरू होगा भीषण गर्मी का सितम, जानिए क्यों बढ़ते हैं इन 9 दिनों में तेवर

गर्मियों का मौसम आते ही लोग लू और चिलचिलाती धूप से परेशान होने लगते हैं, लेकिन इस मौसम का सबसे रौद्र रूप ‘नौतपा’ के दौरान देखने को मिलता है। इस साल 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है, जो 2 जून तक चलेगी। सनातन परंपरा और खगोलीय विज्ञान दोनों के अनुसार, ये 9 दिन साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर नौतपा क्या है और इन दिनों इतनी भयानक गर्मी क्यों पड़ती है।

​क्या होता है नौतपा?

​ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को ‘नौतपा’ कहा जाता है। सूर्य इस नक्षत्र में कुल 15 दिनों के लिए रहते हैं, लेकिन शुरुआती 9 दिनों में सूर्य का प्रभाव सबसे तीव्र और प्रचंड होता है। इसी कारण इसे ‘नौतपा’ (यानी नौ तपने वाले दिन) का नाम दिया गया है।

​इस साल सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश 25 मई को हो रहा है और यह स्थिति 2 जून तक बनी रहेगी।

​क्यों पड़ती है इन 9 दिनों में इतनी भयानक गर्मी?

​नौतपा के दौरान तापमान आसमान छूने के पीछे वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों ही कारण हैं:

​पृथ्वी और सूर्य की निकटता: इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है और सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। सीधी किरणें पड़ने के कारण वातावरण का तापमान अचानक बढ़ जाता है।

​रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव: ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र को ठंडक और नमी का प्रतीक माना गया है, जिसका स्वामी चंद्रमा है। जब प्रचंड तेज वाले सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, तो वे इसकी शीतलता को पूरी तरह सोख लेते हैं। परिणाम स्वरूप, पृथ्वी पर भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ जाता है।

​नौतपा का अच्छा तपना क्यों है जरूरी?

​पुरानी मान्यताओं और मौसम के गणित के अनुसार, नौतपा का खूब तपना एक अच्छा संकेत माना जाता है।

​”नौतपा जितना तपेगा, मानसून उतना ही अच्छा आएगा।”

​इसके पीछे का वैज्ञानिक तर्क यह है कि जब इन 9 दिनों में मैदानी इलाकों में अत्यधिक गर्मी पड़ती है, तो वहां ‘लो प्रेशर एरिया’ (कम दबाव का क्षेत्र) बनता है। यह कम दबाव समुद्र की ठंडी और नमी से भरी हवाओं (हाई प्रेशर) को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित करता है। इसके चलते आगे चलकर देश में अच्छी और झमाझम बारिश होती है। यदि नौतपा में गर्मी कम पड़े या बारिश हो जाए, तो मानसून का चक्र प्रभावित हो जाता है।

​नौतपा में कैसे रखें अपना ख्याल?

​मौसम विभाग के अनुसार, इन 9 दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में लू (Heat Wave) का कहर देखने को मिल सकता है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है:

​हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में भरपूर पानी पीते रहें। नींबू पानी, ओआरएस (ORS) घोल, छाछ और नारियल पानी का सेवन करें।

​दुपहर में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।

​सही कपड़े चुनें: बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा लगती रहे।

​सिर ढक कर रखें: धूप में निकलते समय छाते, टोपी या सूती गमछे से सिर और चेहरे को जरूर ढकें।

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