उत्तराखंड: महिला कांग्रेस की चेतावनी— ज्योति रौतेला व नर्सिंग अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस न हुए, तो होगा प्रदेश व्यापी आंदोलन
उत्तराखंड: महिला कांग्रेस की चेतावनी— ज्योति रौतेला व नर्सिंग अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस न हुए, तो होगा प्रदेश व्यापी आंदोलन
महिला कांग्रेस की गढ़वाल मंडल की नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल ने धामी सरकार को दोटूक चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और उनके साथ चारों नर्सिंग अभ्यर्थियों पर दर्ज किए गए मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने ये मुकदमे वापस नहीं लिए, तो पूरे उत्तराखंड में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) को संबोधित करते हुए आशा डोबरियाल ने सरकार की नीतियों और प्रदेश की वर्तमान कानून व्यवस्था पर भी तीखे सवाल खड़े किए।
एसएसपी कार्यालय का घेराव करेगी महिला कांग्रेस
कार्यकारी अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल ने कहा कि हक की लड़ाई लड़ रहे युवाओं और उनके समर्थन में उतरीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
एसएसपी दफ्तर का घेराव: यदि पुलिस और प्रशासन ने जल्द ही इन मुकदमों को निरस्त नहीं किया, तो महिला कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
70 विधानसभाओं में नियुक्तियां: संगठन को मजबूत करने के लिए गढ़वाल मंडल के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जल्द ही महिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
”ध्वस्त कानून व्यवस्था और वन्यजीवों के आतंक से त्रस्त है जनता”
पत्रकार वार्ता के दौरान आशा डोबरियाल ने राज्य सरकार को कई अन्य जनहित के मुद्दों पर भी घेरा:
मानव-वन्यजीव संघर्ष और चौपट होती खेती:
उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। दूसरी तरफ, पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। आम जनता बाघ, भालू, बंदर और सूअरों के हमलों से खौफजदा है। जंगली जानवरों के आतंक के कारण पहाड़ों में ग्रामीणों की खेती-बाड़ी पूरी तरह चौपट हो गई है, जिससे पलायन बढ़ रहा है।
चारधाम यात्रा में जाम और बेतहाशा महंगाई पर वार
महिला कांग्रेस नेता ने सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए कहा:
चारधाम यात्रा में कुप्रबंधन: सरकार इस साल की चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इस पीक टूरिस्ट सीजन में जगह-जगह घंटों लंबा जाम लग रहा है, जिससे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटक परेशान हैं।
महंगाई की मार: रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी करके सरकार ने आम जनमानस का जीना दूभर कर दिया है। लगातार बढ़ती महंगाई से हर वर्ग त्रस्त है और सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।
