‘पिप्पा’ स्टार ईशान खट्टर को भारतीय सेना से मिला बड़ा सम्मान, 45 कैवलरी ने दी ऑफिसर्स मेस की मानद सदस्यता
‘पिप्पा’ स्टार ईशान खट्टर को भारतीय सेना से मिला बड़ा सम्मान, 45 कैवलरी ने दी ऑफिसर्स मेस की मानद सदस्यता
बॉलीवुड अभिनेता ईशान खट्टर (Ishaan Khatter) के लिए एक बेहद गर्व और भावुक करने वाला पल सामने आया है। फिल्म ‘पिप्पा’ (Pippa) में कैप्टन बलराम सिंह मेहता का दमदार किरदार निभाने के लिए उन्हें इंडियन आर्म्ड कोर की 45 कैवलरी (45 Cavalry) की मानद सदस्यता से सम्मानित किया गया है। यह विशेष सम्मान उन्हें फिल्म में 45 कैवलरी के एक जांबाज अधिकारी के चरित्र और रेजिमेंट की ऐतिहासिक विरासत को पूरी सच्चाई व सम्मान के साथ पर्दे पर जीने के लिए दिया गया है।
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ईशान के लिए यह पल किसी भी पेशेवर तारीफ या बॉक्स ऑफिस की सफलता से कहीं बढ़कर था। उन्होंने इस खास समारोह की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक बेहद भावुक नोट भी लिखा है।
सेना के अधिकारियों ने भेंट की खास पट्टिका: “एक बार कैवलियर, हमेशा कैवलियर”
कार्यक्रम के दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईशान खट्टर को एक विशेष यादगार पट्टिका (Memento) भेंट की। इस पट्टिका पर रेजिमेंट का आदर्श वाक्य और ईशान के लिए सम्मान के शब्द लिखे थे:
”45 कैवलरी गर्व के साथ श्री ईशान खट्टर को ‘पिप्पा’ में 45 कैवलरी के एक अधिकारी का सच्चा किरदार निभाने और रेजिमेंट के आदर्शों के प्रति उनके गहरे सम्मान को देखते हुए, ऑफिसर्स मेस की मानद सदस्यता का विशेष अधिकार प्रदान करती है। एक बार कैवलियर, हमेशा कैवलियर। वीर भोग्या वसुंधरा।”
सम्मान पाकर भावुक हुए ईशान, लिखा— ‘यह जीवन का सबसे बड़ा गौरव’
इस ऐतिहासिक सम्मान को पाने के बाद ईशान खट्टर ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा:
”इंडियन आर्म्ड कोर की 45 कैवलरी की मानद सदस्यता मिलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है, जिसे अब मैं गर्व से अपनी रेजिमेंट कह सकता हूं। इससे बड़ा कोई और सम्मान नहीं हो सकता। मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि भारतीय सेना के सबसे बहादुर और सबसे सम्मानित सदस्यों की सेवा में, जिस भी तरह से हो सके हमेशा पूरी ईमानदारी और विनम्रता के साथ तत्पर रहूं।”
उन्होंने आगे लिखा, “एक ऐसे इंसान के तौर पर, जिसकी जिंदगी मिलिट्री (सैन्य पृष्ठभूमि) से बिल्कुल अलग रही है, यह मेरे लिए सचमुच हैरान और अभिभूत करने वाला अनुभव है। मैंने एक कैवेलियर (घुड़सवार सैनिक) की भूमिका में जान डालने के लिए एक कलाकार के तौर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यह अनुभव मुझे जिंदगी भर हर उस भूमिका में अपना दिल और जान लगाने की प्रेरणा देता रहेगा, जिसे मैं निभाऊंगा। XLV ऑफिसर्स मेस में बिताई गई उस प्यारी शाम के लिए मैं अपना गहरा सम्मान व्यक्त करता हूं। जय हिंद।”
1971 के युद्ध और बांग्लादेश निर्माण की गाथा है ‘पिप्पा’
सच्ची घटना पर आधारित: राजा कृष्ण मेनन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘पिप्पा’ ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता के संस्मरण ‘द बर्निंग चैफीज’ (The Burning Chaffies) पर आधारित है।
फिल्म की कहानी: इस वॉर ड्रामा में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी मोर्चे पर लड़ी गई ऐतिहासिक लड़ाई को दिखाया गया है। फिल्म कैप्टन बलराम सिंह मेहता और उनके भाई-बहनों के उस सफर को उजागर करती है, जिसके परिणामस्वरूप अंततः बांग्लादेश का निर्माण हुआ था।
शानदार स्टारकास्ट: इस फिल्म में ईशान खट्टर के मुख्य किरदार के साथ-साथ मृणाल ठाकुर, प्रियांशु पैन्यूली और सोनी राजदान ने भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जिन्हें दर्शकों और समीक्षकों की खूब सराहना मिली थी।
