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हीटवेव अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप, पारा 45°C के पार जाने की आशंका

हीटवेव अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप, पारा 45°C के पार जाने की आशंका

उत्तर भारत में मई की तपिश ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, एनसीआर (Noida, Gurugram, Ghaziabad) और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का येलो अलर्ट जारी किया है। बलूचिस्तान और राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आ रही सूखी और गर्म पछुआ हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

​तापमान में भारी उछाल, 45 डिग्री तक पहुंचेगा पारा

​मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

​दिल्ली-NCR: मंगलवार और बुधवार (19-20 मई) को राजधानी का अधिकतम तापमान 44°C से 45°C तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले रविवार को दिल्ली के रिज इलाके में तापमान 42.8°C रिकॉर्ड किया गया था।

​उत्तर प्रदेश और राजस्थान: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में गंभीर लू (Severe Heatwave) की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार पहले ही जा चुका है।

​रात में भी राहत नहीं: मौसम विभाग ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘वार्म नाइट’ (Warm Night) यानी रात में भी अत्यधिक गर्मी रहने की चेतावनी दी है।

​धूलभरी आंधी और तेज गर्म हवाएं बढ़ाएंगी मुश्किल

​गर्मी के साथ-साथ दोपहर के समय 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज गर्म हवाएं (लू) चलेंगी, जिनकी रफ्तार कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हवा में नमी (Humidity) बेहद कम होने के कारण लोगों को त्वचा झुलसाने वाली तपिश का अहसास हो रहा है।

​मौसम विभाग (IMD) की मुख्य चेतावनियां और स्वास्थ्य सलाह

​अत्यधिक गर्मी के कारण बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

​बचाव के मुख्य उपाय:

​हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें।

​देसी पेय पदार्थों का सेवन: शरीर में लवण की मात्रा बनाए रखने के लिए ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू-पानी, छाछ और आम पन्ना का सेवन करें।

​धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।

​राहत की कब है उम्मीद?

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 20 मई के बाद तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं, पहाड़ी राज्यों (हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) में 19 से 23 मई के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हल्की बारिश हो सकती है, जिससे मैदानी इलाकों को भी आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।

​दूसरी ओर, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज हैं, और केरल में मॉनसून के 26 मई के आसपास दस्तक देने की संभावना जताई गई है।

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