बदरीनाथ हाईवे पर बस और ट्रक की भीषण भिड़ंत: चालक गंभीर रूप से घायल, यात्रियों में मची चीख-पुकार
बदरीनाथ हाईवे पर बस और ट्रक की भीषण भिड़ंत: चालक गंभीर रूप से घायल, यात्रियों में मची चीख-पुकार
चमोली: चारधाम यात्रा के चरम पर होने के बीच उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुहेड के पास एक यात्री बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं और चालकों की लापरवाही पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
1. हादसे का विवरण और बचाव कार्य
यह दुर्घटना उस समय हुई जब तीर्थयात्रियों से भरी एक बस हरिद्वार से बदरीनाथ धाम की ओर जा रही थी, वहीं दूसरी ओर से एक ट्रक कर्णप्रयाग की तरफ आ रहा था। कुहेड के समीप दोनों वाहनों की आमने-सामने की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बस चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
तत्काल सहायता: सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा मौके पर पहुंची और घायल चालक को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भर्ती कराया गया।
यातायात बहाली: हादसे के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया और यातायात सुचारू कराया।
2. ट्रक चालक पर लापरवाही का आरोप
बस में सवार यात्रियों ने ट्रक चालक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। यात्रियों का कहना है कि:
ट्रक चालक बहुत लापरवाही और तेज गति से वाहन चला रहा था।
इस लापरवाही के कारण कई श्रद्धालुओं की जान जा सकती थी।
पीड़ित यात्रियों ने पुलिस प्रशासन से ट्रक चालक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
3. हाईवे पर हादसों का बढ़ता ग्राफ
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों हादसों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी बड़ी घटना है:
11 मई (सोमवार): बदरीनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं की टाटा सूमो और एक पिकअप वाहन में टक्कर हुई थी।
नुकसान: उस हादसे में भी 7 यात्री घायल हुए थे, जिन्हें अस्पताल पहुँचाना पड़ा था।
प्रशासन की चेतावनी
चारधाम यात्रा में उमड़ रहे आस्था के सैलाब के बीच प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर गति सीमा का पालन करें और ओवरटेकिंग से बचें। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण यात्रियों में भी डर का माहौल है, जिसके चलते राजमार्ग पर पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही है।
