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​सोना-चांदी खरीदना हुआ भारी: सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर की 15%, पीएम मोदी की ‘एक साल तक सोना न खरीदने’ की अपील का दिखा असर

​सोना-चांदी खरीदना हुआ भारी: सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर की 15%, पीएम मोदी की ‘एक साल तक सोना न खरीदने’ की अपील का दिखा असर

​नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और व्यापार घाटे (Trade Deficit) को कम करने के लिए सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) में भारी इजाफा कर दिया है। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

​ड्यूटी में 6% से 15% तक की बढ़ोतरी

​सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाली कुल प्रभावी कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर अब 15% कर दिया है। इसे दो हिस्सों में विभाजित किया गया है:

​बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD): 10%

​कृषि बुनियादी ढांचा और विकास उपकर (AIDC): 5%

​कुल प्रभावी ड्यूटी: 15%

​इससे पहले जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने इसे घटाकर 6% किया था, लेकिन सोने के बढ़ते आयात और डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये को संभालने के लिए सरकार को दोबारा यह सख्त कदम उठाना पड़ा है।

​पीएम मोदी ने देशवासियों से की खास अपील

​हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने (Gold Austerity) की भावुक अपील की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange) बाहर चला जाता है। पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए उन्होंने सोने की मांग में कटौती करने का सुझाव दिया।

​महंगा होने का क्या होगा असर?

​कीमतों में उछाल: इंपोर्ट ड्यूटी में 9% की सीधी बढ़ोतरी से घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें रातों-रात बढ़ गई हैं। ज्वेलर्स का मानना है कि इससे प्रति 10 ग्राम सोने पर हजारों रुपये का इजाफा होगा।

​शादियों के सीजन पर मार: भारत में शादियों का सीजन चल रहा है, ऐसे में ड्यूटी बढ़ने से मध्यम वर्ग के बजट पर गहरा असर पड़ेगा।

​तस्करी का डर: जानकारों का कहना है कि ड्यूटी में इतनी बड़ी वृद्धि से सोने की अवैध तस्करी (Smuggling) के मामलों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।

​सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

​वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात रिकॉर्ड $71.98 बिलियन तक पहुंच गया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता है। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग भौतिक सोने (Physical Gold) के बजाय डिजिटल गोल्ड या ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड’ (Sovereign Gold Bonds) की तरफ मुड़ें, ताकि देश का पैसा देश में ही रहे।

​विशेषज्ञ की राय: यदि आप निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो बाजार के विशेषज्ञों का सुझाव है कि फिलहाल खरीदारी टालना या ‘डिजिटल गोल्ड’ जैसे विकल्पों को चुनना बेहतर हो सकता है।

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