निदा खान के ठिकाने पर संकट: जिस घर में ली थी पनाह, उस पर निगम की टेढ़ी नजर; बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान के छिपने वाले मकान पर अब बुलडोजर की तलवार लटक गई है। छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने AIMIM पार्षद मतीन पटेल (शेख) के नारेगांव क्षेत्र के कौसर पार्क स्थित मकान को अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
निदा खान नासिक टीसीएस कंपनी के कथित धर्मांतरण, यौन उत्पीड़न और जबरन कन्वर्शन मामले में मुख्य आरोपी थी।
वह 42 दिनों तक फरार रही। पुलिस ने 8-9 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से उसे गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला कि निदा अपने परिवार (माता-पिता, भाई और चाची) के साथ AIMIM पार्षद मतीन पटेल के 600 वर्ग फुट के मकान में छिपी हुई थी।
गिरफ्तारी के एक दिन बाद ही नगर निगम ने शनिवार को मतीन पटेल को नोटिस थमा दिया।
नोटिस में क्या लिखा?
निगम ने पार्षद से मकान की अनुमति संबंधी दस्तावेज 72 घंटे (3 दिन) के अंदर पेश करने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि मकान में अनधिकृत निर्माण किया गया है और उसे व्यावसायिक व रहिवासी दोनों用途 में इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
उप महापौर राजेंद्र जंजल ने इसकी पुष्टि की है।
सियासी तूल
मतीन पटेल पर निदा खान को शरण देने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें सह-आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया है। AIMIM पार्षद पर अवैध निर्माण और फरार आरोपी को पनाह देने दोनों ही मामले अब एक साथ चल रहे हैं।
यह घटना महाराष्ट्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘बुलडोजर कार्रवाई’ की बहस को फिर से गर्म कर रही है। विपक्ष इसे निदा खान मामले का ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बता रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह शुद्ध रूप से अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई है।
अभी स्थिति: नोटिस मिलने के बाद मतीन पटेल के मकान, कार्यालय और अन्य संपत्तियों पर निगम की नजर है। तीन दिन बाद क्या होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
निदा खान की छिपने की जगह अब खुद सिरदर्द बन गई है! क्या बुलडोजर चलेगा या दस्तावेज बचाएंगे मकान?
