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एक्टर से तमिलनाडु के CM बनने तक… थलपति विजय की अनोखी कहानी

ऐक्टर से तमिलनाडु के CM बनने तक… थलपति विजय की अनोखी कहानी

चेन्नई: स्क्रीन पर ‘थलपति’ के नाम से मशहूर जोसेफ विजय चंद्रशेखर अब असल जिंदगी में भी ‘थलैवर’ बन चुके हैं। 10 मई 2026 को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में थलपति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह तमिलनाडु की सियासत में 1967 के बाद सबसे बड़ा भूकंप है — डीएमके और एआईएडीएमके के लंबे वर्चस्व को तोड़ते हुए एक फिल्म स्टार ने सत्ता हासिल कर ली।

बचपन से स्क्रीन तक का सफर

विजय का जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ। पिता एस.ए. चंद्रशेखर फिल्म डायरेक्टर थे और मां शोभा चंद्रशेखर गायिका। सिनेमा उनके खून में था। मात्र 10 साल की उम्र में उन्होंने पिता की फिल्म वेट्री (1984) से बाल कलाकार के रूप में डेब्यू किया।

1992 में पिता की फिल्म नालैया थीरपु से उन्हें हीरो के रूप में लॉन्च किया गया। शुरुआती संघर्ष के बाद पोवे उनक्काग (1996), घिल्ली (2004), थिरुपाची, सिवाजी, नान बन दा मैन, मर्सल, सरकर, बिगिल, मास्टर और लियो जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने उन्हें तमिल सिनेमा का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया।

‘थलपति’ उपनाम उनके फैंस ने दिया, जो अब पूरे राज्य का नारा बन चुका है।

राजनीति में कदम

विजय के पिता कम्युनिस्ट विचारधारा के थे, जिसका असर विजय पर भी पड़ा। लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर उनकी फिल्मों में आवाज उठती रही।

फरवरी 2024 में उन्होंने ऐलान किया — “अब मैं सिनेमा छोड़ राजनीति में पूरा समय दूंगा।” उन्होंने तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK) नाम से नई पार्टी बनाई। फिल्म जना नायगन (2026) को उन्होंने अपना आखिरी फिल्मी किरदार बनाया और पूरा फोकस राजनीति पर कर लिया।

2026 चुनाव — इतिहास रचा

23 अप्रैल 2026 को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने अपनी पहली ही बार में कमाल कर दिखाया:

108 सीटें जीतीं (तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें, बहुमत के लिए 118 जरूरी)

डीएमके गठबंधन 73 सीटें

एआईएडीएमके गठबंधन 53 सीटें

टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन बहुमत से 10 सीटें कम थीं। कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल, सीपीआई और सीपीआई(एम) के समर्थन से TVK ने 120 विधायकों का समर्थन हासिल किया।

10 मई 2026 को विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शपथ दिलाई। राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। अभिनेत्री तृषा कृष्णन का बिंदी-गजरा वाला ट्रेडिशनल लुक भी खूब चर्चा में रहा।

विजय का पहला ऐलान

शपथ लेते ही विजय ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। महिलाओं की सुरक्षा और ड्रग्स पर अंकुश के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया।

क्यों सफल हुए विजय?

मास अपील: करोड़ों फैंस का अंधा समर्थन।

एंटी-इंक्रंबेंसी: डीएमके और एआईएडीएमके के खिलाफ गुस्सा।

नई उम्मीद: युवा और मध्य वर्ग ने बदलाव चाहा।

संगठन: फैन क्लबों को पार्टी कार्यकर्ताओं में बदला।

विजय का सफर साबित करता है कि सिनेमा और राजनीति के बीच की दीवार अब बहुत पतली हो गई है। दक्षिण भारत में पहले एम.जी. रामचandran और एन.टी. रामाराव ने यह रास्ता दिखाया था — अब थलपति विजय ने नया अध्याय जोड़ दिया है।

अब सवाल यह है — क्या विजय सिनेमा की कहानियों जितनी आसानी से राज्य को संभाल पाएंगे? या यह उनकी सबसे बड़ी और सबसे मुश्किल ‘रियल लाइफ’ रोल होगी?

थलपति अब थलैवर बन चुके हैं! तमिलनाडु का नया युग शुरू हो चुका है।

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