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IPL 2026: करोड़ों में बिके लेकिन बेंच पर कटे दिन, इस सीजन इन दिग्गजों को नसीब नहीं हुई प्लेइंग-XI

IPL 2026: करोड़ों में बिके लेकिन बेंच पर कटे दिन, इस सीजन इन दिग्गजों को नसीब नहीं हुई प्लेइंग-XI

​खेल ब्यूरो: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और प्लेऑफ की रेस दिलचस्प हो गई है। लेकिन इस चकाचौंध के बीच कुछ ऐसे बदनसीब खिलाड़ी भी हैं, जिन्हें उनकी फ्रेंचाइजी ने नीलामी में मोटी रकम देकर खरीदा तो सही, लेकिन पूरे सीजन उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं दिया। ये क्रिकेटर डगआउट में बैठकर केवल टीम के साथियों को पानी पिलाते या नेट प्रैक्टिस तक ही सीमित रह गए।

​मुंबई इंडियंस: करोड़ों के दांव, पर बेंच पर कटे दिन

​मुंबई इंडियंस (MI) के खेमे में इस बार कई युवा और अनुभवी खिलाड़ी मौके के इंतजार में ही रह गए।

​राज बावा: अंडर-19 विश्व कप के स्टार रहे राज बावा को मुंबई ने बड़े भरोसे के साथ जोड़ा था, लेकिन कप्तान हार्दिक पांड्या और विल जैक्स की मौजूदगी के कारण उन्हें मिडिल ऑर्डर में जगह नहीं मिल सकी।

​रॉबिन मिंज: आईपीएल के इतिहास में झारखंड से आने वाले पहले आदिवासी क्रिकेटर रॉबिन मिंज को भी इस सीजन बेंच पर ही वक्त बिताना पड़ा। मुंबई ने विकेटकीपिंग के लिए क्विंटन डी कॉक और रयान रिकलटन जैसे विदेशी विकल्पों पर अधिक भरोसा जताया।

​ए.एम. गजनफर: अफगानिस्तान के इस रहस्यमयी स्पिनर को भी सैंटनर और जैक्स जैसे ऑलराउंडरों के आगे प्लेइंग-XI में जगह नहीं मिल पाई।

​चेन्नई सुपर किंग्स: बेंच स्ट्रेंथ ही बनी रही ताकत

​चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) अपनी ‘विनिंग कॉम्बिनेशन’ के साथ ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करने के लिए जानी जाती है।

​मैथ्यू शॉर्ट: सीजन की शुरुआत में चोटिल होने के बाद जब वे लौटे, तो टीम का संतुलन इतना सटीक था कि उन्हें प्लेइंग-XI में शामिल नहीं किया जा सका।

​स्पेंसर जॉनसन: नाथन एलिस के रिप्लेसमेंट के तौर पर आए स्पेंसर जॉनसन को भी अब तक केवल नेट सेशन में ही पसीना बहाते देखा गया है, क्योंकि पथिराना और तीक्ष्णा जैसे गेंदबाज शानदार फॉर्म में हैं।

​सनराइजर्स हैदराबाद: रिप्लेसमेंट का भी नहीं हुआ इस्तेमाल

​SRH इस समय पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है, लेकिन उनकी इस सफलता में कुछ खिलाड़ियों का योगदान केवल ड्रेसिंग रूम तक सीमित रहा।

​गेराल्ड कोएत्जी: डेविड पेन के चोटिल होने के बाद कोएत्जी को टीम में लाया गया, लेकिन भुवनेश्वर कुमार और पैट कमिंस की घातक गेंदबाजी के चलते उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिल सका।

​क्यों नहीं मिला मौका?

​विशेषज्ञों के अनुसार, ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम ने ऑलराउंडरों और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों की राह और मुश्किल कर दी है। टीमें अब केवल विशेषज्ञ बल्लेबाजों या गेंदबाजों को ही प्लेइंग-XI में प्राथमिकता दे रही हैं। साथ ही, विदेशी खिलाड़ियों के लिए केवल 4 स्लॉट होने की वजह से कई बड़े अंतरराष्ट्रीय नाम भी केवल दर्शक बनकर रह गए हैं।

​दिग्गज की राय

“आईपीएल का यह पहलू बहुत कड़वा है। आप दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हो सकते हैं, लेकिन अगर टीम का बैलेंस आपसे मेल नहीं खाता, तो आपको पूरा सीजन बाहर बैठना पड़ सकता है। यह खिलाड़ियों के मानसिक मनोबल के लिए बड़ी चुनौती होती है: सुनील गावस्कर, पूर्व क्रिकेटर

​सीजन अब अंतिम दौर में है और जिन खिलाड़ियों को अब तक मौका नहीं मिला, उनके लिए अब प्लेइंग-XI के दरवाजे लगभग बंद नजर आ रहे हैं। देखना होगा कि क्या आखिरी लीग मैचों में टीमें अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने का जोखिम उठाती हैं या नहीं।

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