मदर्स डे विशेष: मां की मुस्कान के साथ उनकी सेहत का भी रखें ख्याल, हर साल जरूरी हैं ये 5 हेल्थ चेकअप
मदर्स डे विशेष: मां की मुस्कान के साथ उनकी सेहत का भी रखें ख्याल, हर साल जरूरी हैं ये 5 हेल्थ चेकअप
मदर्स डे केवल उपहार देने या साथ समय बिताने का दिन नहीं है, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपनी मां को एक स्वस्थ और लंबी उम्र का उपहार दें। उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर मांएं अपनी तकलीफों को नजरअंदाज कर देती हैं। इस मदर्स डे पर, उन्हें डॉक्टर के पास ले जाएं और ये 5 महत्वपूर्ण टेस्ट जरूर कराएं।
1. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA स्कैन)
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) का खतरा तेजी से बढ़ता है। हड्डियों के घनत्व की जांच के लिए DEXA स्कैन सबसे सटीक तरीका है। इससे यह पता चलता है कि हड्डियां कितनी मजबूत हैं और भविष्य में फ्रैक्चर का कितना जोखिम है।
2. मैमोग्राफी (ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग)
ब्रेस्ट कैंसर के मामले दुनियाभर में बढ़ रहे हैं। 40 वर्ष की उम्र के बाद हर महिला को साल में कम से कम एक बार मैमोग्राफी करानी चाहिए। शुरुआती दौर में पकड़े जाने पर इस बीमारी का इलाज पूरी तरह संभव है। इसके साथ ही ‘सेल्फ एग्जामिनेशन’ की जानकारी भी जरूरी है।
3. लिपिड प्रोफाइल और हार्ट चेकअप
महिलाओं में हृदय रोगों के लक्षण पुरुषों से अलग और काफी सूक्ष्म होते हैं। बढ़ता कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर साबित हो सकते हैं। एक बेसिक लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से अच्छे और बुरे कोलेस्ट्रॉल की स्थिति साफ हो जाती है, जो दिल के दौरे के खतरे को टालने में मदद करता है।
4. थायराइड फंक्शन टेस्ट (TFT)
थकान, अचानक वजन बढ़ना या कम होना और बालों का झड़ना अक्सर उम्र का असर मान लिया जाता है, लेकिन यह थायराइड की गड़बड़ी हो सकती है। हाइपोथायरायडिज्म महिलाओं में एक आम समस्या है। एक साधारण ब्लड टेस्ट से इसकी पहचान कर सही उपचार शुरू किया जा सकता है।
5. पेप स्मीयर और सर्वाइकल कैंसर टेस्ट
सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। 30 साल की उम्र के बाद नियमित अंतराल पर पेप स्मीयर टेस्ट कराना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। यह टेस्ट गर्भाशय के कैंसर की कोशिकाओं के पनपने से पहले ही चेतावनी दे देता है।
विशेषज्ञ की सलाह
“40 की उम्र पार करते ही महिलाओं को सालाना फुल बॉडी चेकअप को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। सही समय पर की गई जांच न केवल इलाज का खर्च बचाती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है: वरिष्ठ फिजिशियन
इस मदर्स डे, सेहत की इस सौगात के साथ अपनी मां को बेहतर कल का भरोसा दें। याद रखें, एक स्वस्थ मां ही एक स्वस्थ परिवार की नींव होती है।
