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​AC की कूलिंग क्वॉइल हो गई है खराब? नया खरीदने से पहले जान लें ‘50% का नियम’, बचेंगे हजारों रुपये

भीषण गर्मी के इस मौसम में एयर कंडीशनर (AC) हमारी जरूरत बन चुका है। अक्सर एसी में कूलिंग कम होने या गैस लीकेज की समस्या आने पर मैकेनिक हमें नया एसी खरीदने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या वाकई हर बार नया एसी खरीदना समझदारी है? विशेषज्ञों के अनुसार, आप ‘50% नियम’ अपनाकर हजारों रुपये बचा सकते हैं। यहाँ इस विषय पर पूरी रिपोर्ट दी गई है:

​AC की कूलिंग क्वॉइल हो गई है खराब? नया खरीदने से पहले जान लें ‘50% का नियम’, बचेंगे हजारों रुपये

अप्रैल से लेकर अक्टूबर तक भारत में पड़ने वाली चिलचिलाती गर्मी में एसी का खराब होना किसी दुस्वप्न से कम नहीं है। एसी रिपेयरिंग के दौरान सबसे ज्यादा समस्या ‘कूलिंग क्वॉइल’ (Cooling Coil) में आती है। मैकेनिक अक्सर इसे बदलने या नया एसी लेने का सुझाव देते हैं। ऐसे में सही फैसला लेने के लिए आपको कुछ तकनीकी और आर्थिक पहलुओं को समझना जरूरी है।

​क्या है एसी रिपेयरिंग का ‘50% नियम’?

​अगर आप उलझन में हैं कि एसी ठीक कराएं या नया खरीदें, तो विशेषज्ञों का यह फॉर्मूला आपके काम आएगा:

​नियम: यदि एसी की मरम्मत का खर्च (Repairing Cost) उसकी मूल कीमत के 40 से 50 प्रतिशत तक पहुँच रहा है, तो रिपेयर कराने के बजाय नया एसी खरीदना ही बेहतर है।

​उदाहरण: अगर एक नए स्प्लिट एसी की कीमत ₹35,000 है और उसकी रिपेयरिंग में ₹15,000 से ज्यादा खर्च हो रहे हैं, तो निवेश करना घाटे का सौदा हो सकता है।

​कूलिंग क्वॉइल रिपेयर और रिप्लेसमेंट का खर्च

​एसी के इंडोर और आउटडोर यूनिट्स में कूलिंग क्वॉइल लगी होती हैं। इनमें लीकेज होने पर खर्च कुछ इस प्रकार होता है:

​मामूली रिपेयरिंग: छोटी लीकेज ठीक करने में ₹1,000 से ₹2,500 तक का खर्च आता है।

​नई क्वॉइल (स्प्लिट एसी): पूरी क्वॉइल बदलने का खर्च करीब ₹10,000 तक हो सकता है।

​विंडो एसी: इसमें यह खर्च लगभग ₹8,000 के आसपास बैठता है।

​अतिरिक्त खर्च: क्वॉइल बदलने के बाद गैस रिफिलिंग का खर्च अलग से ₹2,500 से ₹3,000 तक आता है।

​कब रिपेयर कराएं और कब नया खरीदें?

​फैसला लेते समय अपने एसी की उम्र (Age) को ध्यान में रखें:

​एसी 5 साल से पुराना है: यदि आपका एसी 5 साल से अधिक पुराना है, तो कूलिंग क्वॉइल बदलवाना समझदारी नहीं है। पुराने एसी के अन्य पार्ट्स जैसे पीसीबी (PCB) और कंप्रेसर की कार्यक्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे में नया एसी लेना बिजली की बचत और लंबी शांति के लिए बेहतर है।

​एसी नया है: अगर एसी 1-3 साल पुराना है, तो उसे रिपेयर कराना ही फायदेमंद है।

​बार-बार खराबी: यदि एसी में बार-बार गैस लीकेज हो रही है, तो रिपेयरिंग पर पैसा बर्बाद करने के बजाय उसे बदल देना ही उचित है।

​इन बातों का रखें खास ख्याल

​वारंटी चेक करें: एसी में कोई भी काम कराने से पहले उसकी वारंटी जरूर चेक करें। अगर एसी वारंटी पीरियड में है, तो कंपनी मुफ्त में पार्ट्स रिप्लेस करेगी।

​ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर: हमेशा कंपनी के आधिकारिक सर्विस सेंटर से ही काम कराएं। लोकल मैकेनिक कई बार सस्ती क्वॉइल डालकर अधिक पैसे वसूल लेते हैं, जिससे भविष्य में बड़ी दिक्कत हो सकती है।

​नियमित सर्विस: सीजन शुरू होने से पहले सर्विस कराने से कूलिंग क्वॉइल की उम्र बढ़ती है और लीकेज का खतरा कम होता है।

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