उत्तराखंड

​चंपावत शर्मसार: सामूहिक दुष्कर्म मामले में कांग्रेस का धामी सरकार पर तीखा हमला, नेता प्रतिपक्ष बोले- ‘रक्षक ही बन गए भक्षक’

उत्तराखंड के चंपावत में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। इस घटना के तार सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों से जुड़े होने के आरोपों के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार को आड़े हाथों लिया है।

​चंपावत शर्मसार: सामूहिक दुष्कर्म मामले में कांग्रेस का धामी सरकार पर तीखा हमला, नेता प्रतिपक्ष बोले- ‘रक्षक ही बन गए भक्षक’

​देवभूमि उत्तराखंड की शांत वादियों में एक नाबालिग से गैंगरेप की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस मामले में आरोपियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर कांग्रेस ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।

​सत्ता के रसूख पर उठे सवाल

​पीड़िता के पिता ने जो तहरीर दी है, उसमें बेहद चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। आरोपों के घेरे में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, एक पूर्व प्रधान और एक छात्र शामिल हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बयान जारी कर कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग ही बेटियों के साथ ऐसी हैवानियत करेंगे, तो प्रदेश की महिलाएं कहाँ सुरक्षित महसूस करेंगी?

​घटना का दिल दहला देने वाला विवरण

​कैसे हुई वारदात: छात्रा अपने दोस्त की मेहंदी की रस्म में शामिल होने गई थी, जहाँ तीन युवकों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया।

​क्रूरता की हदें: यशपाल आर्य के अनुसार, जब पीड़िता ने अपने घर फोन करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके हाथ-पैर बांध दिए।

​आरोपियों का संबंध: बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र और पूर्व प्रधान आपस में चाचा-भतीजा हैं।

​कांग्रेस की मांग: ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ में हो सुनवाई

​नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार के सामने कड़ी मांगें रखी हैं:

​कठोर कार्रवाई: सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा चलाकर उन्हें तत्काल सलाखों के पीछे भेजा जाए।

​फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

​संरक्षण दाताओं पर जांच: उन लोगों की भी जांच हो जो अपनी राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल कर अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

​”यह सिर्फ एक बेटी पर अत्याचार नहीं, बल्कि उत्तराखंड की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर तमाचा है। सरकार अपराधियों को संरक्षण देना बंद करे।” — गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

​सरकार और पुलिस का रुख

​घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई में ढिलाई बरती जा सकती है, जिसके लिए उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जनता अब चुप नहीं बैठने वाली।

​मुख्यमंत्री आवास से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्षी दलों के तेवर बताते हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में धामी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *