राजनीति

असंभव अब संभव? विजय के बढ़ते कद ने बढ़ाई बेचैनी, DMK-AIADMK के हाथ मिलाने की सुगबुगाहट तेज!

चेन्नई, 6 मई 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे राजनीतिक समीकरण को उलट-पुलट कर दिया है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत (118 सीटें) से 8-10 सीटें कम रह गई हैं। अब सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यह है कि लंबे समय के दुश्मन DMK और AIADMK पोस्ट-पोल गठबंधन कर विजय को सत्ता से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या हो रहा है?

सूत्रों के मुताबिक, DMK और AIADMK के बीच बैकचैनल बातचीत शुरू हो गई है। दोनों पार्टियां मिलकर TVK को सरकार बनाने से रोकना चाहती हैं। यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम होगा, क्योंकि दोनों Dravidian पार्टियां दशकों से एक-दूसरे की कट्टर विरोधी रही हैं।

AIADMK के कुछ सूत्रों ने पुष्टि की है कि चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। DMK की तरफ से भी इस पर चुप्पी है, लेकिन अंदरूनी हलचल तेज है।

चुनावी गणित और सीटें

TVK (विजय): 100+ सीटें (सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से कम)

DMK और उसके सहयोगी: कम सीटें

AIADMK: और भी कम, लेकिन अभी भी अहम संख्या

कांग्रेस: DMK से 55 साल पुराना गठबंधन तोड़कर TVK के साथ आ गई (5 MLAs के साथ समर्थन)

TVK को बहुमत के लिए छोटी पार्टियों (Left, VCK, PMK आदि) का सहयोग चाहिए। विजय ने गवर्नर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा किया है।

क्यों एक साथ आ रहे हैं दुश्मन?

DMK और AIADMK दोनों TVK के उदय से खतरे में महसूस कर रही हैं। विजय की पार्टी ने दोनों के वोट बैंक में सेंध लगाई है।

अगर दोनों मिल जाते हैं तो उनकी कुल सीटें TVK + कांग्रेस के समर्थन से ज्यादा हो सकती हैं।

AIADMK के अंदर भी फूट है — लगभग 30 MLAs विजय का साथ देने को तैयार बताए जा रहे हैं, लेकिन पार्टी लीडरशिप (EPS) अभी अनिच्छुक है।

विजय का स्टैंड

विजय और TVK ने साफ कहा है कि वे BJP से जुड़ी किसी भी पार्टी या DMK-AIADMK के साथ समझौता नहीं करना चाहते। वे सेकुलर गठबंधन (Left, VCK आदि) के साथ सरकार बनाने पर जोर दे रहे हैं।

क्या होगा आगे?

अगर DMK-AIADMK गठबंधन सफल होता है तो तमिलनाडु में नया ‘ग्रैंड अलायंस’ बन सकता है।

अगर TVK कांग्रेस और छोटी पार्टियों के साथ बहुमत जुटा लेती है तो विजय मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषक इसे तमिलनाडु की राजनीति का सबसे बड़ा ट्विस्ट बता रहे हैं।

अभी तक की स्थिति: गवर्नर के पास दावे और समर्थन पत्र जमा होने शुरू हो गए हैं। अगले 24-48 घंटे बेहद अहम हैं। क्या दो दुश्मन हाथ मिला लेंगे या विजय का सितारा चमकेगा — यह देखने के लिए पूरा देश नजरें टिकाए हुए है।

यह चुनाव न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए नया अध्याय साबित हो सकता है। अपडेट्स के लिए बने रहें!

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