राजनीति

2027 का रण: सपा ने I-PAC को दिखाया बाहर का रास्ता, अब ‘साइकिल’ की कमान खुद संभालेंगे अखिलेश

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाली प्रमुख कंपनी I-PAC के साथ अपना समझौता रद्द कर दिया है। अब पार्टी खुद अपना चुनाव प्रबंधन संभालेगी। यह फैसला पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हालिया चुनावी नतीजों के बाद लिया गया, जहां I-PAC ने टीएमसी और डीएमके की रणनीति संभाली थी और दोनों पार्टियों को करारी हार का सामना करना पड़ा।

फैसले की वजह

बंगाल-तमिलनाडु के नतीजे: I-PAC की रणनीति इन दोनों राज्यों में उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर सकी। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन दोनों की पार्टियों को भारी नुकसान हुआ।

पार्टी के अंदर असंतोष: सपा नेतृत्व को I-PAC की कामकाजी शैली और हालिया चुनावी प्रदर्शन पर संदेह हुआ। कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ग्राउंड फीडबैक पर ज्यादा भरोसा किया जाए।

कानूनी और अन्य मुद्दे: I-PAC पर ईडी की जांच और अन्य विवादों का भी असर पड़ा।

I-PAC के साथ क्या था समझौता?

फरवरी 2026 में अखिलेश यादव ने I-PAC के साथ डील की थी। कंपनी को बूथ लेवल सर्वे, डेटा एनालिसिस और पूरे चुनाव अभियान की रणनीति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ममता बनर्जी और स्टालिन ने भी अखिलेश को I-PAC की सिफारिश की थी। लेकिन अब यह सौदा पूरी तरह खत्म हो चुका है।

आगे की रणनीति

सपा अब अपने कार्यकर्ताओं और पार्टी के आंतरिक तंत्र के जरिए 2027 की तैयारी करेगी। सूत्रों के अनुसार, I-PAC के पूर्व कर्मचारियों की एक अन्य कंपनी से कुछ मदद ली जा सकती है, लेकिन मुख्य जिम्मेदारी पार्टी के हाथ में रहेगी। अखिलेश यादव पहले से ही ग्राउंड लेवल पर सक्रिय हैं और विभिन्न मुद्दों (किसान, युवा, PDA) पर फोकस कर रहे हैं।

सपा का बयान: पार्टी ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस खबर की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि काम तुरंत रोक दिया गया है और यूपी में I-PAC का अभियान रुक गया है।

राजनीतिक प्रभाव:

यह फैसला 2027 के यूपी चुनाव को लेकर सपा की नई सोच को दिखाता है। BJP के खिलाफ अखिलेश यादव अब ज्यादा आत्मनिर्भर रणनीति पर चलना चाहते हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि सपा कैडर-बेस्ड पारंपरिक राजनीति पर जोर देगी।

नोट: 2027 UP चुनाव अभी काफी दूर है, लेकिन तैयारियां तेज हो चुकी हैं। सपा का यह कदम आने वाले दिनों में और चर्चा में रहेगा।

 

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