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जोमैटो फाउंडर दीपिंदर गोयल का नया वेंचर: ‘Temple’ डिवाइस से ब्रेन ब्लड फ्लो ट्रैकिंग, ‘दिमाग पढ़ने’ की अटकलें

जोमैटो फाउंडर दीपिंदर गोयल का नया वेंचर: ‘Temple’ डिवाइस से ब्रेन ब्लड फ्लो ट्रैकिंग, ‘दिमाग पढ़ने’ की अटकलें

नई दिल्ली: जोमैटो (अब Eternal के तहत) के को-फाउंडर और पूर्व सीईओ दीपिंदर गोयल ने एक नया हेल्थ-टेक प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। उनका नया वियरेबल डिवाइस Temple ब्रेन में ब्लड फ्लो को रीयल-टाइम में मॉनिटर करता है। सोशल मीडिया पर इसे ‘दिमाग पढ़ने वाला डिवाइस’ कहा जा रहा है, हालांकि गोयल ने स्पष्ट किया है कि यह experimental ब्रेन हेल्थ और परफॉर्मेंस ट्रैकिंग टूल है।

Temple डिवाइस क्या है?

यह एक छोटा मेटालिक वियरेबल है, जो कनपटी (temple) के पास लगाया जाता है।

यह cerebral blood flow (मस्तिष्क में रक्त प्रवाह) और ऑक्सीजनेशन को लगातार मापता है।

गोयल के Gravity Ageing Hypothesis पर आधारित — उनका मानना है कि गुरुत्वाकर्षण ब्रेन के ब्लड फ्लो पर असर डालकर एजिंग को प्रभावित करता है।

अभी elite athletes और हाई-परफॉर्मेंस यूजर्स के लिए डिजाइन किया जा रहा है।

हालिया अपडेट (मई 2026)

दीपिंदर गोयल ने Temple डिवाइस के लिए early access खोल दिया है। पहले 100 यूनिट्स के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। कंपनी का कहना है कि यह अभी testing फेज में है और जल्द ही और यूजर्स तक पहुंचेगा। Temple स्टार्टअप ने पहले ही $54 मिलियन (करीब ₹450 करोड़) फंडिंग जुटाई है।

विवाद और विशेषज्ञों की राय

कई लोग इसे मजाक में mind-reading device बता रहे हैं, लेकिन गोयल ने साफ किया कि यह thoughts पढ़ने वाला नहीं, बल्कि ब्रेन हेल्थ मॉनिटरिंग टूल है।

कुछ न्यूरोलॉजिस्ट और AIIMS डॉक्टर्स ने कहा है कि डिवाइस अभी clinically proven नहीं है और इसके दावों पर और रिसर्च की जरूरत है।

दीपिंदर गोयल का विजन

Zomato से अलग होकर गोयल हाई-रिस्क रिसर्च और neuroscience में फोकस कर रहे हैं। उन्होंने Continue Research फाउंडेशन के तहत personal फंड्स भी लगाए हैं। Temple को वे “ultimate wearable for elite performance” बता चुके हैं, जो मौजूदा स्मार्टवॉच से आगे की मेट्रिक्स देगा।

नोट: Temple अभी experimental स्टेज पर है। यह कोई मेडिकल डिवाइस नहीं है और डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं हो सकता। इच्छुक यूजर्स को आधिकारिक चैनल्स से early access चेक करना चाहिए।

यह खबर विभिन्न टेक और बिजनेस रिपोर्ट्स पर आधारित है। दीपिंदर गोयल का यह कदम ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और longevity टेक में भारत की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।

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